बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में विज्ञान का उत्सव, आईआरओ साइंस शो में हजारों विद्यार्थियों ने देखा लाइव साइंस का कमाल
वाराणसी। बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में शनिवार को विज्ञान और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां आईआईटी (बीएचयू) के रिसर्च स्कॉलर मनोहर कुमार द्वारा आयोजित आईआरओ साइंस शो का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. एके चतुर्वेदी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के साथ ही पूरे सभागार में विज्ञान के प्रति उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बन गया।

इस विज्ञान महोत्सव में वाराणसी के प्रतिष्ठित विद्यालयों, जिनमें डीपीएस, सीएचएस, बीएनएस सहित कई अन्य स्कूलों के हजारों छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने लाइव साइंस प्रयोगों और वैज्ञानिक प्रदर्शनों को करीब से देखा तथा विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को सरल, रोचक और व्यवहारिक तरीके से समझने का अवसर प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों में विज्ञान के प्रति उत्सुकता और नई चीजों को जानने की ललक साफ दिखाई दी।
साइंस शो में विद्यार्थियों के साथ बड़ी संख्या में उनके अभिभावक और शिक्षक भी मौजूद रहे। सभी ने विज्ञान आधारित प्रयोगों, आकर्षक प्रस्तुतियों और इंटरैक्टिव गतिविधियों की सराहना की। उपस्थित लोगों का कहना था कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उन्हें शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम के आयोजक एवं आईआईटी (बीएचयू) के रिसर्च स्कॉलर मनोहर कुमार ने बताया कि आईआरओ साइंस शो का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान की भावना और नवाचार के प्रति रुचि पैदा करना है, ताकि वे भविष्य में विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि जब विज्ञान को प्रयोगों और अनुभवों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है तो विद्यार्थी उसे अधिक आसानी से समझते हैं और उसमें रुचि भी बढ़ती है।
कार्यक्रम के दौरान आईआरओ की पूरी टीम सक्रिय रूप से मौजूद रही और आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के सदस्यों ने विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों की जानकारी दी तथा उनके प्रश्नों का भी उत्तर दिया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा और अंत में विद्यार्थियों ने विज्ञान को मनोरंजक, अनुभवात्मक और प्रेरणादायक रूप में सीखने का भरपूर आनंद लिया।

