मां गौरा को इस बार लगेगी नौ दुर्गा के मंत्रों से अभिमंत्रित हल्दी, दुर्गा मंदिर में विशेष तैयारी, ढोल-नगाड़े और डमरू निनाद के साथ करेंगे प्रस्थान
रिपोर्ट : ओमकारनाथ
वाराणसी। इस बार मां गौरा की पंचबदन प्रतिमा को नौ दुर्गा के आह्वान मंत्रों से अभिमंत्रित हल्दी लगेगी। इसके लिए दुर्गा मंदिर में विशेष तैयारी चल रही है। दुर्गा मंदिर से हल्दी लेकर महंत परिवार ढोल-नगाड़े, डमरुओं के निनाद के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत के टेढ़ीनीम आवास के लिए प्रस्थान करेगा। बाबा का बुलावा आने के बाद दुर्गा मंदिर महंत परिवार बहुत ही उत्साहित है।
महंत परिवार के कौशल द्विवेदी ने बताया कि हम लोग बहुत ही उत्साहित हैं कि माता गौरा के गौना को लेकर हल्दी मंदिर से जाएगी। इसके लिए तैयारी चल रही है। यह हमारा सौभाग्य है कि हमसभी को इस कार्य के लिए चुना गया है। रंगभरी एकादशी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं। हमसभी ढोल-नगाड़े की धुनों और डमरुओं के निनाद के साथ मां के लिए हल्दी लेकर केसीएम चौक तक पहुंचेंगे। वहां से आयोजन को और भव्य स्वरूप देते हुए पूर्व महंत आवास टेढ़ीनीम तक पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि गौना की हल्दी काशी के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर से विशेष पूजन के उपरांत महंत परिवार द्वारा लाई जाएगी। नौ गौरी और नौ दुर्गा के आव्हान मंत्रों से अभिमंत्रित यह हल्दी केवल एक अनुष्ठानिक सामग्री नहीं, बल्कि श्रद्धा, शास्त्र और लोकविश्वास की प्रतीक है।
नौ गौरी-नौ दुर्गा के मंत्रों से अभिमंत्रित होगी हल्दी
दुर्गा मंदिर के महंत कौशल द्विवेदी ने बताया कि काशी की प्राचीन लोकपरंपरा के अनुसार गौरा के गौने का दायित्व स्वयं काशीवासियों द्वारा निभाया जाता है। विवाह के उपरांत जिस प्रकार घर-परिवार में दुल्हन को गौने से पूर्व हल्दी लगाई जाती है, उसी भाव से माता गौरा को भी यह मंगल-रस्म अर्पित की जाती है। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को पड़ने वाली रंगभरी एकादशी से पूर्व 24 फरवरी को दुर्गा मंदिर में विशेष अनुष्ठान संपन्न होगा। काशी की नौ देवीयों और नौ गौरियों के आह्वान मंत्रों के साथ हल्दी को विधिवत पूजित किया जाएगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत परिवार द्वारा सैकड़ों साल से पारंपरिक एवं विधि विधान से बाबा विश्वनाथ एवं मां गौरा का विवाह उत्साह बनाया जाता है। महाशिवरात्रि पर हिंदू धर्म एवं लोकाचार के तहत विवाह किया गया। बाबा विश्वनाथ एवं मां गौरा के विवाह का साक्षी काशी ही नहीं पूरा विश्व बना विवाह के बाद मां गौरा के गौन की कार्यक्रम किया जाना है इसको लेकर काशी की विश्व प्रसिद्ध आदि शक्ति मां दुर्गा मंदिर से मां गौरा के लगाने के लिए हल्दी जाएगी।

