व्हाट्सएप और इंटाग्राम के जरिये अपराधियों से साधते थे संपर्क, बिहार से लाकर असलहों की करते थे सप्लाई, गैंग लीडर समेत सात गिरफ्तार 

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वाराणसी। कमिश्नरेट पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना चोलापुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत कटारी ब्लॉक के पीछे स्थित अंडरपास के पास से सभी आरोपियों को दबोचा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से कई अवैध असलहे, कारतूस, चोरी की बाइक तथा मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

 

गिरफ्तार आरोपियों में रैचनपुर निवासी अखिलेश उर्फ मोनू राजभर, अटेसुआ निवासी अरुण राजभर, धौरहरा (चौबेपुर) निवासी हिमांशु कुमार उर्फ सनी, शिवरामपुर निवासी आभाष सिंह, नेहियां निवासी विशाल सिंह, गोसाईंपुर मोहांव निवासी अनिकेत चौहान तथा गुरवट निवासी नमन मिश्रा उर्फ अस्तीशू शामिल हैं। डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से एक .32 बोर रिवाल्वर और छह कारतूस, एक 7.65 एमएम पिस्टल और दो कारतूस, एक .315 बोर तमंचा और तीन कारतूस, एक 9 एमएम पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा चोरी की एक मोटरसाइकिल और विभिन्न कंपनियों के छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

 

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अवैध हथियारों का इस्तेमाल लोगों को डराने-धमकाने तथा चोरी, छिनैती और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे। साथ ही अधिक लाभ मिलने पर राह चलते लोगों और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों को हथियार बेचने का काम भी करते थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के समय सभी आरोपी हथियारों की खरीद-बिक्री के उद्देश्य से एकत्र हुए थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का सरगना अखिलेश उर्फ मोनू राजभर है, जो चोलापुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह बिहार से अवैध हथियार खरीदकर वाराणसी समेत आसपास के जिलों में सप्लाई करता था। आरोपी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क कर हथियारों की डील करते थे। पुलिस अब हथियार उपलब्ध कराने वालों और खरीददारों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है। इस सफलता पर पुलिस टीम को 20 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

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