योगी सरकार 'मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना' से श्रमिकों के परिवार के हेल्थ और वेल्थ पर देर रही ध्यान
-प्रसव से लेकर मैटरनिटी लीव के दौरान वेतन और नवजात के नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट तक करा रही सरकार
-वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाराणसी मंडल में ही 463 लाभार्थियों को 1.72 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वितरित की जा चुकी
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है, खासकर उन श्रमिक परिवारों की महिलाओं पर जहां खुद या उनके पति मजदूरी से जुड़े हैं। महज श्रम विभाग में पंजीकरण के जरिए इन महिलाओं को 'मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना' का लाभ मिल रहा है, जिसमें प्रसव व्यवस्था से लेकर मैटरनिटी लीव के दौरान वेतन और नवजात के नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट तक की सुविधा शामिल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाराणसी मंडल में ही 463 से अधिक लाभार्थियों को 1.72 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वितरित की जा चुकी है, जो सरकार की इस पहल की सफलता को रेखांकित करती है।
योगी सरकार द्वारा श्रमिकों के परिवार के लिए चलाई जा रही मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना हेल्थ और वेल्थ दोनों का ख्याल रख रही है । वाराणसी क्षेत्र के उपश्रमायुक्त डॉ महेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत राज्य की गरीब महिलाओं के लिए चलाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रसव से पूर्व और प्रसव के बाद आराम देने के उद्देश्य से कुछ आर्थिक मदद दी जाती है। ताकि ऐसी अवस्था में माता के खानपान का ध्यान रखा जा सकें। इस योजना के अंतर्गत श्रमिक महिलाओं या श्रमिक पुरुष की पत्नी को लाभ मिलता है,साथ ही आवेदक द्वारा भवन एवं अन्य सन्न निर्माण श्रमिक के रूप में वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य पूर्ण किया गया हो। और श्रम विभाग में पंजीकृत हो।
उपश्रमायुक्त ने बताया कि वाराणसी मंडल में वित्तीय वर्ष 2025 -26 में पंजीकृत 463 श्रमिक लाभार्थियों को ₹ 17204981 रुपये की मदद मिली
जिले लाभार्थियों भुगतान की गई रही राशि
वाराणसी 243 9867103
जौनपुर 61 2893958
गाज़ीपुर 87 2355000
चंदौली 72 2088920

