वाराणसी में बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, मंदिरों तक पहुंचा पानी, घाटों पर बढ़ी निगरानी
वाराणसी। काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सोमवार सुबह छह बजे तक केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 60.88 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में करीब 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से वृद्धि हो रही है, जिससे घाटों के किनारे स्थित लगभग 30 से 35 छोटे मंदिरों तक गंगा का पानी पहुंच गया है। इसके चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।

पिछले तीन दिनों में जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शुक्रवार को यह 60.53 मीटर, शनिवार को 60.67 मीटर, रविवार को 60.77 मीटर और सोमवार सुबह बढ़कर 60.88 मीटर पहुंच गया। वहीं, पिछले वर्ष 20 जुलाई को गंगा का जलस्तर 66 मीटर दर्ज किया गया था, जिसके कारण 'सुबह-ए-बनारस' के मंच तक पानी पहुंच गया था।
जलस्तर बढ़ने का असर धार्मिक गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। कई घाटों पर श्रद्धालुओं और नाविकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गंगा किनारे बने छोटे मंदिरों के जलमग्न होने से दर्शन-पूजन की व्यवस्था प्रभावित हुई है। आसमान में बादल छाए रहने और लगातार बारिश की संभावना के बीच स्थानीय लोग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में पूर्वांचल में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सिंचाई, नगर निगम, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील घाटों की निगरानी के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

