वाराणसी में गंगा के जलस्तर में तेजी से आ रही गिरावट, तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घट रहा पानी
राजघाट पर शनिवार सुबह 70.37 मीटर दर्ज हुआ जलस्तर, तटवर्ती इलाके अभी भी जलमग्न
दर्जनों परिवारों ने राहत शिविरों में ली शरण, घरों और गलियों में घुस गया है पानी
राहत और बचाव कार्यों में जुटा है प्रशासन, सीएम योगी आज हालात का लेंगे जायजा
वाराणसी। गंगा के जलस्तर में शनिवार की सुबह तेजी से गिरावट देखी गई। लगभग तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी कम हो रहा है। हालांकि तटवर्ती इलाके अभी भी जलमग्न हैं। नमो घाट से लेकर सामने घाट तक पानी में ड़ूबे हुए हैं। वहीं आसपास के इलाकों व वरूणा में पलट प्रवाह के चलते बाढ़ का पानी लोगों के घरों और गलियों में घुस गया है। दर्जनों परिवारों के सैकड़ों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को विवश हैं। प्रशासन की ओर से शिविरों में मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं। सीएम योगी शनिवार की शाम वाराणसी में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करेंगे और राहत शिविर का निरीक्षण कर इंतजामों का जायजा लेंगे।

केंद्रीय जल आयोग (CWC) के राजघाट गेज स्टेशन पर शनिवार की सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 70.37 मीटर दर्ज किया गया। आयोग के अनुसार पानी तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है। राजघाट पर गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर निर्धारित है। शनिवार सुबह दर्ज जलस्तर इस सीमा से 10.8 सेंटीमीटर ऊपर रहा। वहीं गंगा का खतरे का निशान 71.262 मीटर है। इस लिहाज से नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 89.2 सेंटीमीटर नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस समय नदी में गिरावट का सिलसिला जारी है।

जलस्तर में गिरावट से तटवर्ती इलाकों में राहत की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि नदी का पानी अभी भी चेतावनी बिंदु से ऊपर है, ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी और राहत-बचाव संबंधी व्यवस्थाएं जारी रखना महत्वपूर्ण है। खासकर निचले इलाकों और तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलस्तर में उतार-चढ़ाव पर नजर रखने की जरूरत है।

