वाराणसी में फिर तेजी से बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, 6 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि, डूबने लगी घाटों की सीढ़ियां
तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
केंद्रीय जल आयोग का पूर्वानुमान एक सप्ताह तक बढ़ सकता है जलस्तर
पिछली बार चेतावनी बिंदु को पार कर गया था गंगा का जलस्तर
वाराणसी। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश के बीच वाराणसी में एक बार फिर गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर करीब छह सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। जलस्तर बढ़ने के साथ ही घाटों की सीढ़ियां दोबारा पानी में डूबने लगी हैं। गंगा का पानी धीरे-धीरे घाटों और तटवर्ती इलाकों की ओर बढ़ रहा है।
गंगा के जलस्तर में अचानक आई तेजी के बाद घाटों पर फिर से सतर्कता बढ़ा दी गई है। कई घाटों की निचली सीढ़ियां पानी में समा गई हैं। जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में घाटों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए अगले एक सप्ताह तक गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के साथ वृद्धि के आसार जताए जा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इससे पहले भी गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई थी और नदी चेतावनी बिंदु को पार कर गई थी। जलस्तर बढ़ते-बढ़ते खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था। इसके बाद जलस्तर में गिरावट शुरू हुई और लोगों ने राहत की सांस ली थी। अब एक बार फिर तेजी से बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ा दी है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमों को भी अलर्ट रखा गया है। संवेदनशील घाटों और नदी किनारे के क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

