वाराणसी में बढ़ा गंगा का जलस्तर, घाटों का आपसी संपर्क टूटा, जल्द बंद हो सकता है नौका संचालन 

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वाराणसी। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बीच वाराणसी में गंगा का जलस्तर पिछले दो दिनों से स्थिर बना हुआ है। सोमवार को गंगा का जलस्तर 63.76 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं होने से कुछ राहत है, लेकिन नदी का पानी कई घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। इसके कारण घाटों के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है और कई घाटों का आपसी संपर्क भी टूट गया है।

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गंगा आरती का स्थल बदला
जलस्तर बढ़ने का असर धार्मिक आयोजनों पर भी पड़ा है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का स्थल लगातार दूसरी बार बदला गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और घाट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आरती को ऊंचाई वाले स्थान पर कराया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को भी बदले हुए स्थान से आरती के दर्शन करने पड़ रहे हैं।

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कई घाटों का संपर्क प्रभावित
गंगा का पानी निचले घाटों की सीढ़ियों और रास्तों तक पहुंचने से एक घाट से दूसरे घाट तक पैदल आवागमन मुश्किल हो गया है। निचले हिस्सों में स्थित मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों को गंगा के बढ़े जलस्तर के बीच जाने से बचने और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करने की अपील की जा रही है।

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जलकुंभी की भारी आमद से बढ़ी परेशानी
जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा में जलकुंभी की भी भारी आमद हुई है। नदी में जगह-जगह जलकुंभी के बड़े झुंड दिखाई दे रहे हैं। इससे नाविकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। जलकुंभी के झुंड नावों के रास्ते में आने से उनकी गति प्रभावित हो रही है। घाटों के आसपास जमा जलकुंभी को हटाने के लिए सफाईकर्मियों और स्वयंसेवी संगठनों की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।

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श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ी मुश्किलें
सावन में काशी पहुंच रहे श्रद्धालु बड़ी संख्या में गंगा स्नान और मंदिरों में दर्शन-पूजन कर रहे हैं। बढ़े जलस्तर के कारण कई स्थानों पर स्नान का क्षेत्र सीमित किया गया है। नाव संचालन पर भी नदी की स्थिति का असर पड़ा है। घाटों पर पहुंचने वाले लोगों से पानी के नजदीक जाने से बचने की अपील की जा रही है। दो दिनों से जलस्तर 63.76 मीटर पर स्थिर रहने से फिलहाल राहत जरूर है, लेकिन आसपास हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन की निगरानी जारी है। संबंधित विभाग गंगा के जलस्तर और नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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