कुलपति ने संस्कृत विश्वविद्यालय में गेस्ट हाउस निर्माण का लिया जायजा, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को दिए सख्त निर्देश
वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन विशिष्ट अतिथि गृह ‘संस्कृति सत्कार सदन’ का औचक निरीक्षण किया। अपराह्न तीन बजे पहुंचे कुलपति ने निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेते हुए कार्यदायी संस्था आवास विकास के अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कुलपति ने गेस्ट हाउस तक पहुंचने वाले मार्ग, पार्किंग, ड्रेनेज, पार्क और अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर कार्यों की वर्तमान प्रगति का अवलोकन किया। निर्माण कार्यों की धीमी गति और गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए।

समयसीमा और गुणवत्ता का पालन अनिवार्य
कुलपति प्रो. शर्मा ने स्पष्ट कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्वीकृत मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि निर्धारित मानकों के अनुरूप काम पूरा हो सके।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कुलपति ने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा मानकहीन कार्य पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आवास विकास के अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने और गुणवत्ता संबंधी मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही दोबारा निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की वास्तविक प्रगति की समीक्षा की जाएगी। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान चीफ प्रॉक्टर प्रो. जितेन्द्र कुमार, साहित्य-संस्कृति संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, अभियंता रामविजय सिंह सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

