काशी के आसमान में गूंजेगा वायुसेना का शौर्य, एयर शो की तैयारी में जुटा प्रशासन, मंडलायुक्त व पुलिस कमिश्नर ने किया निरीक्षण

 
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लाखों दर्शकों के पहुंचने की संभावना, सुरक्षा से लेकर यातायात तक पर प्रशासन की पैनी नजर

मुख्यमंत्री योगी ने दिए जोन-सेक्टरवार तैनाती के निर्देश, ट्रैफिक सुचारू रखना बड़ी चुनौती

वाराणसी। गंगा की लहरें, काशी के ऐतिहासिक घाट और आसमान में रोमांचक प्रदर्शन करते भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान। अक्टूबर में प्रस्तावित एयर शो काशी के लिए एक बड़े सार्वजनिक आयोजन के रूप में सामने आ रहा है। नमो घाट को केंद्र बनाकर होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लाखों दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नमो घाट से लेकर डोमरी-पड़ाव, रामनगर बाईपास और टेंगरा मोड़ तक सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।

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तीन दिनों के आयोजन को लेकर अलग-अलग स्तर पर दर्शकों की संख्या के अनुमान सामने आए हैं। करीब 20 से 30 लाख तक दर्शकों को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयर शो की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को भीड़ को जोन और सेक्टर में बांटकर व्यवस्था करने, पर्याप्त पुलिस और मजिस्ट्रेट तैनात करने तथा यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

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घाटों से गंगा पार तक सुरक्षा का खाका
एयर शो के दौरान नमो घाट मुख्य केंद्र रहेगा। गंगा के दूसरी ओर डोमरी-पड़ाव और आसपास का रेतीला क्षेत्र भी दर्शकों के लिए महत्वपूर्ण स्थान हो सकता है। ऐसे में प्रशासन दोनों किनारों पर भीड़ के आवागमन और सुरक्षित ठहराव की व्यवस्था तैयार कर रहा है। नमो घाट, राजघाट, भैंसासुर घाट, डोमरी, कोदोपुर, पड़ाव, रामनगर बाईपास और टेंगरा मोड़ का निरीक्षण किया जा चुका है। अधिकारियों ने प्रवेश और निकास मार्ग, भीड़ के संभावित दबाव वाले स्थान, बैरिकेडिंग और पार्किंग की स्थिति देखी। गंगा पार भी अस्थायी शौचालय, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।

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30 लाख दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयारी
एयर शो में बड़ी भीड़ जुटने की संभावना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। पुलिस की कार्ययोजना में करीब 30 लाख लोगों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखा जा रहा है, जबकि कुछ तैयारियों में करीब 20 लाख दर्शकों का अनुमान लिया गया है। इसी वजह से व्यवस्था को जरूरत के अनुसार बढ़ाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने पूरे आयोजन क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांटकर मजिस्ट्रेट तथा पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। भीड़ को एक स्थान पर जमा होने से रोकने और निर्धारित रास्तों से दर्शकों को सुरक्षित क्षेत्र तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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नमो घाट पर पार्किंग से हेलीपैड तक निरीक्षण
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने नमो घाट के साथ बसंता महिला महाविद्यालय के आसपास प्रस्तावित पार्किंग स्थल का भी निरीक्षण किया। पार्किंग की क्षमता, वाहनों के प्रवेश-निकास और पैदल दर्शकों की आवाजाही को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। नमो घाट स्थित हेलीपैड और संभावित विशिष्ट अतिथि मार्गों की भी समीक्षा की गई। वीआईपी और आम दर्शकों की आवाजाही अलग रखने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। इसके लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्तों को व्यवस्थित करने की तैयारी है।

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यातायात संभालने को बनेगा अलग प्लान
एयर शो के दौरान वाराणसी के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस वैकल्पिक मार्ग, रूट डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था की योजना तैयार कर रही है। पड़ाव चौराहा, रामनगर बाईपास, टेंगरा मोड़, डोमरी और कोदोपुर क्षेत्र को विशेष रूप से देखा जा रहा है। आयोजन से पहले प्रमुख मार्गों का स्थलीय परीक्षण कर यातायात परिवर्तन की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाएगा। चंदौली प्रशासन भी गंगा पार के क्षेत्रों में पार्किंग, बैरिकेडिंग और दर्शकों की आवाजाही की तैयारी कर रहा है।


भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर रहेगी खास नजर
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने घाटों का निरीक्षण कर भीड़ के संभावित दबाव वाले स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग के साथ जरूरत के अनुसार लोगों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाए जाएंगे। घाटों पर दर्शकों की आवाजाही को अलग-अलग हिस्सों में व्यवस्थित करने की योजना है। कोशिश यह है कि बड़ी संख्या में लोग एक ही रास्ते या घाट पर एकत्र न हों। प्रवेश और निकास मार्गों को अलग रखते हुए भीड़ को निर्धारित दर्शक क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।

पेयजल, चिकित्सा और आपात व्यवस्था भी तैयार
मुख्यमंत्री की समीक्षा में सुरक्षा के साथ पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता और आपात व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई। आयोजन स्थल और आसपास चिकित्सा सहायता की व्यवस्था रखने के साथ आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों को मॉकड्रिल कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के बीच समन्वय की जांच की जा सके। अस्थायी शौचालय और पेयजल की व्यवस्था भीड़ वाले क्षेत्रों में की जाएगी।

वीआईपी मूवमेंट के लिए अलग रास्ते
25 अक्टूबर को प्रस्तावित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना बताई जा रही है। प्रधानमंत्री की भागीदारी को लेकर अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि अभी प्रतीक्षित है। इसके मद्देनजर संभावित वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखकर अलग मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। नमो घाट पर हेलीपैड, वीआईपी मार्ग, प्रवेश और निकास व्यवस्था का निरीक्षण इसी तैयारी का हिस्सा है। पुलिस, यातायात और जिला प्रशासन के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

गंगा के ऊपर दिखेगा वायुसेना का प्रदर्शन
प्रस्तावित एयर शो भारतीय वायुसेना की मध्य वायु कमान की छह दशक की यात्रा और उसकी क्षमताओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। गंगा के ऊपर विमानों का प्रदर्शन काशी के घाटों की पृष्ठभूमि में होगा, जिससे आयोजन का दृश्य अलग आकर्षण वाला होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार हवाई प्रदर्शन करीब 90 मिनट का हो सकता है। इसमें विभिन्न प्रकार के विमान और वायुयान अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। हालांकि कार्यक्रम में शामिल होने वाले विमानों और प्रदर्शन की अंतिम रूपरेखा की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

एयर शो की तारीख पर अभी तस्वीर साफ नहीं
एयर शो की तारीखों को लेकर भी बदलाव की स्थिति सामने आई है। पहले 22, 23 और 25 अक्टूबर को आयोजन प्रस्तावित था। 23 अक्टूबर को विधान परिषद चुनाव होने के कारण उस दिन एयर शो कराने को लेकर पुनर्विचार किया जा रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार वायुसेना के अधिकारी 24 या 26 अक्टूबर में से किसी एक दिन कार्यक्रम कराने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। अंतिम तारीख की पुष्टि वायुसेना और प्रशासन की आधिकारिक सूचना के बाद ही होगी।

फिलहाल नमो घाट से लेकर गंगा पार तक प्रशासन की तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। भीड़ प्रबंधन, यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल और आपात व्यवस्था को एक साथ मजबूत करने पर जोर है। आने वाले दिनों में रूट डायवर्जन, पार्किंग और आम दर्शकों की आवाजाही से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। काशी के घाटों की पृष्ठभूमि में आसमान में होने वाले इस प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी लाखों दर्शकों की आवाजाही को सुरक्षित और व्यवस्थित रखना है।

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