वैश्विक बाजार में मजबूत हो रहा काशी के करघे का रेश्मी  धागा, यूपीआईटीएस में दिखेगी बनारसी उत्पादों की धाक  

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बनारसी साड़ी से लेकर सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क ,ग्लास बीड्स , वुडेन लेकर वेयर बनारसी खान पान तक में दिखेगा काशी का हुनर

ओडीओपी, ओडीओसी और जीआई उत्पादों के जरिए दुनिया के खरीदारों से जुड़ेगा बनारसी हुनर 

जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र एवं हथकरघा और वस्त्र विभाग से यूपीआईटीएस में 58 उद्यमी लगाएंगे स्टाल 

वाराणसी। काशी की गलियों में जब करघे की खटर-पटर गूंजती है तो सिर्फ एक साड़ी नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और हुनर आकार लेता है। बनारसी सिल्क साड़ी के रेशमी महीन धागों में काशी की पहचान बुनी जाती है। अब इसी पहचान को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार काशी के बुनकरों और कारीगरों को 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध करा रही है। जिस करघे पर बुनकर दिन-रात मेहनत कर बनारसी साड़ी तैयार करता है, उसके हुनर को अब सीधे बड़े बाजार और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचने का रास्ता मिलेगा। इससे बुनकरों और कारीगरों को नए बाजारों से जुड़ने, अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बेहतर मूल्य पाने का अवसर मिलेगा। 

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ताने-बाने से लेकर सॉफ्ट स्टोन, कांच और लकड़ी तक में बसी है काशी की कारीगरी
बनारस का हुनर केवल रेशमी धागों तक सीमित नहीं है। यहां की वाराणसी सॉफ्ट स्टोन कारीगरी अपनी महीन नक्काशी और बारीक काम के लिए पहचान रखती है। सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क के कारीगर अपने हुनर से बारीक आकृतियां और कलात्मक डिजाइन उकेरते हैं। हाथों की बारीकी और धैर्य से तैयार यह शिल्प काशी की पारंपरिकसॉफ्ट स्टोन जाली वर्क  की झलक वैश्विक मंच पर दिखेगी ।

इसी तरह ग्लास बीड्स  में कांच को रंग, आकार और डिजाइन के जरिए आकर्षक मनकों का रूप दिया जाता है। इनका इस्तेमाल आभूषणों, सजावटी वस्तुओं और फैशन से जुड़े उत्पादों में होता है। कांच के छोटे-छोटे मनकों में रंगों और डिजाइन की विविधता काशी के शिल्पकारों की रचनात्मकता को इस ट्रेड शो  के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाएगी ।

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वहीं वुडेन लेकर वेयर लकड़ी के खिलौने में काशी की पारंपरिक कारीगरी में लकड़ी के काम और आकर्षक फिनिश का अनूठा मेल दिखाता है। लकड़ी को आकार देकर तैयार किए जाने वाले इन उत्पादों में उपयोगिता के साथ सजावटी कला की झलक भी दिखाई देती है। काशी के कारीगरों की हाथ का हुनर यूपीआईटीएस में सामान्य उत्पाद से अलग पहचान देगी ।

बनारसी पान, तिरंगा बर्फी और लौंगलता से घुलेगी काशी की मिठास

काशी का हुनर सिर्फ हाथों की कारीगरी तक नहीं है, बल्कि यहां के स्वाद में भी इसकी अलग पहचान है। यूपीआईटीएस में बनारसी पान, तिरंगा बर्फी और लौंगलता जैसे स्थानीय व्यंजन और मिठाइयां के स्वाद से देश-दुनिया के खरीदारों को रूबरू कराएंगी। उपायुक्त उद्योग (प्रवर्तन) हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग,वाराणसी कुसुम ने बताया कि हथकरघा और वस्त्र विभाग से यूपीआईटीएस में 13 उद्यमी बनारसी साड़ी ,स्टोल ,ड्रेस मटेरियल ,सूट सिल्क साडी आदि उत्पाद का स्टाल लगाएंगे।  

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सहायक आयुक्त उद्योग केशव यादव ने बताया कि वाराणसी से 45 लोगों ने पंजीकरण कराया है ,जिसमे वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, एमएसएमई, जीआई उत्पाद, निर्यातक, एक जिला एक व्यंजन तथा मुख्यमंत्री युवा योजना से जुड़ी महिला उद्यमी शामिल हैं।


ट्रेड-शो में प्रदर्शित होने वाले ओडीओपी, ओडीओसी और जीआई  उत्पाद  

बनारसी साड़ी व ब्रोकेड
जरी जरदोजी, एंड हैंड एम्ब्रायडरी 
बनारसी जंगला साड़ी 
गुलाबी मीनाकारी
वुडेन लेकर वेयर लकड़ी के खिलौने
ग्लास बीड्स
सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क
बनारसी पान
तिरंगा बर्फी
लौंगलता 

वर्जन 
यूपीआईटीएस में काशी की पूरी तस्वीर एक साथ नजर आएगी ,काशी के  उत्पादों के जरिए यहां के बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। काशी की गलियों और करघों से निकला यह हुनर अब दुनिया के बाजार में अपनी पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।

अभिषेक प्रियदर्शी  
उपायुक्त
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र

वर्जन 

“योगी सरकार ने हस्तशिल्पियों के हुनर और मेहनत को पहचान देते हुए यूपीआईटीएस के माध्यम से हमारे लिए वैश्विक बाजार का दरवाजा खोला है। पहले हमें अपने उत्पादों को खरीदारों तक पहुंचाने के लिए बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस तरह के मंच से हम सीधे देश-विदेश के खरीदारों से जुड़ पा रहे हैं। इससे अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद बढ़ी है और हमारे हुनर को भी बड़ा बाजार मिल रहा है।”  

आदर्श मौर्या 
राज्य पुरस्कार प्राप्त हस्तशिल्पी

BK Pathak
BK Pathak

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Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

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