गंगा से निकला शिवलिंग बना आस्था का केंद्र, दर्शन-पूजन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वाराणसी। पड़ाव सूजाबाद में गंगा तट पर सोमवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे क्षेत्र को भक्ति और आस्था के रंग में रंग दिया। गंगा नदी में मछली पकड़ने गए मछुआरों के जाल में एक शिवलिंग मिलने की सूचना के बाद श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देखते ही देखते घाट पर पूजा-अर्चना और जयकारों का माहौल बन गया तथा पूरा क्षेत्र "हर-हर महादेव" के उद्घोष से गूंज उठा।
स्थानीय मछुआरे कल्लू साहनी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ प्रतिदिन की तरह गंगा नदी में मछली पकड़ने गए थे। जाल डालने के कुछ समय बाद उन्हें महसूस हुआ कि उसमें कोई भारी वस्तु फंस गई है। शुरुआत में उन्हें लगा कि जाल में कोई बड़ा पत्थर या अन्य वस्तु अटक गई है, लेकिन जब काफी मशक्कत के बाद जाल को किनारे तक लाया गया तो उसमें एक शिवलिंग जैसी आकृति दिखाई दी। इसे देखकर वहां मौजूद मछुआरे आश्चर्यचकित रह गए और श्रद्धा से नतमस्तक हो गए।
मछुआरों ने पूरी रात उस स्थान पर रहकर शिवलिंग की देखरेख की। सुबह होते ही इसकी जानकारी आसपास के गांवों और मोहल्लों में फैल गई। खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग गंगा तट पर पहुंचने लगे। श्रद्धालु फूल, बेलपत्र, धूप, अगरबत्ती और अन्य पूजा सामग्री लेकर पहुंचे तथा विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन-अर्चन शुरू कर दिया।
दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने शिवलिंग के दर्शन किए। लोगों ने इसे भगवान शिव की विशेष कृपा और गंगा मैया का आशीर्वाद बताते हुए धार्मिक महत्व की घटना माना। घाट पर "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए और पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया ताकि दर्शन-पूजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
फिलहाल गंगा से शिवलिंग मिलने की यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह उनके लिए केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है। यही कारण है कि दर्शन और पूजा के लिए लोगों का तांता लगातार लगा हुआ है।

