अस्सी चौराहा से घाट की तरफ जाने वाली सड़क धंसी, 24 घंटे बाद भी नहीं हुई मरम्मत, हादसे की आशंका
वाराणसी। शहर के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले अस्सी चौराहा-अस्सी घाट मार्ग पर बीच सड़क धंसने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। व्यस्त मार्ग पर बने गड्ढे के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, जबकि संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई स्थायी कार्रवाई नहीं की गई है।

भगवान जगन्नाथ की डोली यात्रा गुजरने के कुछ समय बाद सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। संयोगवश उस समय कोई वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्वयं गड्ढे के आसपास अस्थायी अवरोधक लगाकर राहगीरों को सतर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अब तक विभाग की ओर से मरम्मत शुरू नहीं कराई गई है।
अस्सी घाट तक पहुंचने का यह मुख्य मार्ग प्रतिदिन हजारों स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों द्वारा उपयोग किया जाता है। सड़क धंसने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल आने-जाने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर रात के समय पर्याप्त रोशनी न होने से गड्ढा और अधिक खतरनाक हो जाता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इतनी गंभीर समस्या सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे और न ही मरम्मत का काम शुरू कराया गया। लोगों का आरोप है कि प्रशासन अक्सर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही सक्रिय होता है, जबकि समय रहते सड़क की मरम्मत कर दी जाए तो हादसों को रोका जा सकता है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि सावन, त्योहारों और सप्ताहांत के दौरान अस्सी घाट पर भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में इस महत्वपूर्ण मार्ग पर धंसी सड़क लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गई है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क की तत्काल तकनीकी जांच कराकर मरम्मत कराई जाए। साथ ही सड़क धंसने के कारणों की भी जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

