पुलिस कमिश्नर ने थाना का किया निरीक्षण, नवागत आरक्षियों को पढ़ाया आधुनिक पुलिसिंग का पाठ, अनुशासन और तकनीकी दक्षता को लेकर दिए निर्देश
वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सर्किल सारनाथ के थाना सारनाथ, चौबेपुर और चोलापुर में तैनात नवागत आरक्षियों एवं विवेचकों के साथ थाना सारनाथ परिसर में गोष्ठी की। इस दौरान उन्होंने नवागत आरक्षियों को आधुनिक पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया। उन्हें अनुशासन, संवेदनशीलता और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी को समाज में “आदर्श पुलिसकर्मी” की छवि के साथ कार्य करना चाहिए और अपने व्यवहार से विभाग की सकारात्मक पहचान बनानी चाहिए। पुलिस आयुक्त ने नवागत आरक्षियों को सार्वजनिक स्थानों पर मर्यादित एवं जिम्मेदार आचरण बनाए रखने, असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने तथा कानून के प्रति पूर्ण निष्ठा रखने की हिदायत दी। साथ ही यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने पर विशेष जोर देते हुए बिना नंबर प्लेट, बिना हेलमेट और तीन सवारी वाले वाहनों का उपयोग न करने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि नए आरक्षियों के लिए 15-15 दिनों का प्रशिक्षण रोस्टर तैयार कर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। प्रशिक्षण की नियमित मॉनिटरिंग और मूल्यांकन भी अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि आरक्षियों की कार्यक्षमता लगातार बेहतर हो सके। पुलिस आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक नव नियुक्त आरक्षी को अनुभवी कर्मचारियों के साथ जोड़ते हुए बीट का शत-प्रतिशत आवंटन किया जाए, जिससे उन्हें क्षेत्रीय कार्यों का व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
आधुनिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर बल देते हुए उन्होंने साइबर जागरूकता, डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी उपकरणों के प्रभावी उपयोग का नियमित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ऑपरेशन चक्रव्यूह, यक्ष ऐप और आरटीसी प्रणाली के माध्यम से अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने प्रत्येक आरक्षी को सीसीटीएनएस प्रणाली, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज निरीक्षण तथा डीवीआर संचालन की विस्तृत जानकारी देने की बात कही।

गोष्ठी के दौरान ई-साक्ष्य एवं ई-समन प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई। पुलिस आयुक्त ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों के संग्रह, संरक्षण और ऑनलाइन समन तामिला की प्रक्रिया में दक्षता बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण जरूरी है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रत्येक मुकदमे में शत-प्रतिशत यूनिक एसआईडी निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विवेचकों को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त ने 60 और 90 दिनों की समयसीमा में सभी विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। लंबित विवेचनाओं पर लापरवाही बरतने वाले विवेचकों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए। थाना प्रभारियों को नियमित समीक्षा और मूल्यांकन कर विवेचनाओं की प्रगति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त वरूणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त लिपि नागयाच, प्रशिक्षु IPS मानसी दहिया, सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ विदुष सक्सेना सहित संबंधित थाना प्रभारी व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

