2027 तक बदल जाएगी वाराणसी एयरपोर्ट की तस्वीर, डीएम ने मेगा प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण, समय सीमा के अंदर काम पूरा करने के दिए निर्देश 

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने रविवार को लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चल रहे मेगा विस्तार कार्यों तथा गंजारी स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। 2870 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का काम कराया जा रहा है। मेगा प्रोजेक्ट के 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। 

123

गंजारी स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चल रहे विस्तारीकरण कार्यों का जायजा लिया। एयरपोर्ट परिसर में निर्माणाधीन नए टर्मिनल भवन, रनवे विस्तार तथा रनवे के नीचे बन रही विशेष सुरंग (टनल) का उन्होंने गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय भूजल स्तर को ध्यान में रखते हुए संशोधित तकनीक से किए जा रहे निर्माण कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कार्यदायी संस्था और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों से परियोजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा।

123

नए टर्मिनल भवन का अवलोकन करते हुए उन्होंने निर्माण एजेंसी अहलूवालिया के इंजीनियरों से विभिन्न चरणों की जानकारी ली। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के नीचे निर्माणाधीन सुरंग के कार्यों की समीक्षा करते हुए एनएचएआई और कालूवाला कंस्ट्रक्शन कंपनी की टीम की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को वर्ष 2027 तक परियोजना के सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।

लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 2,870 करोड़ रुपये की लागत से मेगा विस्तार परियोजना संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत 75 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी क्षमता प्रतिवर्ष 60 लाख यात्रियों को संभालने की होगी। वर्तमान में एयरपोर्ट की यात्री क्षमता 39 लाख प्रति वर्ष है, जिसे बढ़ाकर 99 लाख तक किया जाएगा।

123

परियोजना के तहत रनवे की लंबाई 2,750 मीटर से बढ़ाकर 4,075 मीटर की जा रही है। साथ ही एक नया एप्रन भी विकसित किया जा रहा है, जहां एक साथ 20 से अधिक विमानों की पार्किंग संभव होगी। पुराने और नए टर्मिनल को जोड़ने के लिए वातानुकूलित स्मार्ट ग्लास कॉरिडोर तथा ट्रैवलरेटर की सुविधा भी विकसित की जा रही है।

एयरपोर्ट को सौर ऊर्जा और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के उपयोग के साथ ‘ग्रीन एयरपोर्ट’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना पूर्ण होने के बाद वाराणसी एयरपोर्ट बड़े कार्गो विमानों और जंबो जेट्स के संचालन में सक्षम होगा, जिससे पूर्वांचल की हवाई कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता, एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा सहित एयरपोर्ट प्रबंधन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Share this story