काशी की भैरव गली का बदला स्वरूप, भगवा रंग और पारंपरिक अल्पना कला से सजा नया आध्यात्मिक गलियारा, सेल्फी ले रहे श्रद्धालु 

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वाराणसी। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक नगरी काशी अपनी प्राचीन गलियों, घाटों और सांस्कृतिक विरासत के लिए पूरी दुनिया में पहचान रखती है। अब इन ऐतिहासिक गलियों को आधुनिक सौंदर्यीकरण के साथ नया स्वरूप देने की दिशा में नगर निगम ने पहल शुरू कर दी है। इस अभियान के प्रथम चरण में बाबा काल भैरव मंदिर तक जाने वाली प्रसिद्ध भैरव गली का कायाकल्प किया गया है। भगवा रंग और पारंपरिक अल्पना कला से सुसज्जित यह गली इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर तस्वीरें और सेल्फी ले रहे हैं।

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बाबा काल भैरव को काशी का कोतवाल माना जाता है और उनके मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने भैरव गली को एकरूपता प्रदान करते हुए वहां स्थित मकानों और दुकानों को भगवा रंग से रंगा है। इसके साथ ही सफेद रंग से पारंपरिक अल्पना शैली की कलात्मक आकृतियां उकेरी गई हैं, जिससे पूरी गली का स्वरूप आकर्षक और आध्यात्मिक वातावरण के अनुरूप दिखाई दे रहा है। भवनों के झरोखों और बाहरी हिस्सों को भी विशेष शैली में सजाया गया है, जिससे गली की पहचान और अधिक निखर गई है।

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नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से यह सौंदर्यीकरण अभियान चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक काशी की गलियों को देखने के लिए विशेष रूप से उत्सुक रहते हैं। ऐसे में नगर निगम का प्रयास है कि उन्हें एक स्वच्छ, व्यवस्थित और आकर्षक वातावरण मिले, जो शहर की आध्यात्मिक गरिमा के अनुरूप हो।

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उन्होंने बताया कि भैरव गली इस परियोजना का पहला चरण है। आगामी चरणों में संकटमोचन मंदिर, दुर्गाकुंड, श्री काशी विश्वनाथ धाम से जुड़ी गलियों सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास स्थित गलियों का भी इसी प्रकार सौंदर्यीकरण किया जाएगा। प्रत्येक क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप रंगों, कलात्मक डिजाइनों और पारंपरिक चित्रांकन का उपयोग किया जाएगा, ताकि हर गली की अपनी अलग पहचान विकसित हो सके।

नगर निगम के अनुसार धार्मिक स्थलों के साथ-साथ शहर की उन गलियों को भी संवारा जा रहा है, जिनका नाम काशी की विभूतियों, पद्मश्री और पद्मभूषण सम्मान प्राप्त हस्तियों के नाम पर है। इन क्षेत्रों में आकर्षक रंग-रोगन, फेसाड लाइटिंग और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे शहर की समग्र छवि और बेहतर हो सके।

नगर निगम का मानना है कि यह पहल केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि काशी की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करने का भी प्रयास है। भैरव गली का नया स्वरूप श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यहां पहुंचने वाले लोग इस अनूठे दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं, जिससे यह गली धीरे-धीरे काशी के नए सेल्फी और आकर्षण केंद्र के रूप में भी पहचान बना रही है।

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