नगर आयुक्त ने संकुलधारा और कुरुक्षेत्र पोखरे का लिया जायजा, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारी देखी, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था के बाबत दिए निर्देश
वाराणसी। दुर्गा पूजा के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सोमवार को संकुलधारा के समीप निर्मित कृत्रिम तालाब और अस्सी स्थित कुरुक्षेत्र पोखरे का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों स्थलों पर विसर्जन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विसर्जन से संबंधित सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रतिमा विसर्जन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विसर्जन स्थलों पर साफ-सफाई, पहुंच मार्ग और अन्य जनसुविधाओं को व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
प्रकाश व्यवस्था और विसर्जन मार्ग पर विशेष जोर
नगर आयुक्त ने विशेष रूप से विसर्जन स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों और प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे रात के समय भी श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से आवागमन कर सकें। साथ ही, तालाबों तक पहुंचने वाले रास्तों में आवश्यक सुधार कराए जाएं, ताकि प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने धार्मिक स्थलों की स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मौके पर सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कराई जाएं।
आस्था और परंपराओं का सम्मान प्राथमिकता
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के साथ लोक आस्था और धार्मिक परंपराओं का सम्मान बनाए रखना है। विसर्जन स्थलों पर स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र सहित जेई सिविल, आलोक विभाग और एसएफआई समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को मौके पर ही जरूरी सुधार कराने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

