नगर आयुक्त ने शहर का किया व्यापक निरीक्षण, सफाई, अतिक्रमण, स्ट्रीट लाइट और जलकल परियोजनाओं का हाल जाना, मातहतों को दिए सख्त निर्देश
वाराणसी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शुक्रवार को वरुणापार जोन, पांडेयपुर चौराहा और जलकल कैंपस का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण कर विभिन्न शहरी सेवाओं और विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए तथा लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

सबसे पहले नगर आयुक्त ने वरुणापार जोन के नारायणपुर और तरना वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने कचरा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, नाले-नालियों की सफाई, पेयजल आपूर्ति, तालाबों और कुओं के संरक्षण की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक वार्ड की दैनिक सफाई रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए तथा स्ट्रीट लाइट मरम्मत में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो। पेयजल पाइपलाइन में लीकेज और अवरोध की शिकायत मिलने पर 24 घंटे के भीतर निस्तारण अनिवार्य होगा। अतिक्रमण प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नियमित कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। साथ ही तालाबों और जल संरचनाओं की नियमित सफाई पर भी जोर दिया गया।

नगर आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे घर का कूड़ा निर्धारित वाहन या डस्टबिन में ही डालें, सड़कों और नालियों में न फेंके, स्ट्रीट लाइट शिकायतें टोल फ्री नंबर 1533 पर दर्ज कराएं और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण से बचें। इस निरीक्षण में जोनल अधिकारी जितेन्द्र कुमार आनंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके बाद पांडेयपुर चौराहा का निरीक्षण करते हुए उन्होंने रोड चौड़ीकरण कार्य की स्थिति देखी। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि गुरु नानक स्वीट्स और दूध सट्टी के पास लगे ठेले, गुमटियां और अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाकर व्यवस्थित ऑटो पार्किंग स्थल विकसित किया जाए। पांडेयपुर दूध सट्टी को स्थानांतरित कर पीडब्ल्यूडी की खाली जमीन पर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। फ्लाईओवर के नीचे वेंडिंग जोन विकसित करने, अवैध बाउंड्रीवाल हटाने और यातायात बाधित करने वाले स्ट्रीट पोल्स को स्थानांतरित करने के आदेश भी दिए गए।
अंत में, नगर आयुक्त ने जलकल कैंपस का निरीक्षण किया। उन्होंने लैंड और रूफटॉप सोलर पैनल परियोजनाओं की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 20 दिसंबर 2025 तक कार्य पूरा करने की अंतिम समय सीमा तय की। साथ ही सोलर पैनल इंस्टॉलेशन की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने, उपयोगहीन वाहनों और मशीनों की नीलामी का प्रस्ताव तैयार करने और जलकल परिसर में वाटर टैंक की सफाई कर निकली मिट्टी को उपयोग में लाने के निर्देश दिए। भदैनी पंपिंग स्टेशन में पंप और स्लूस वाल्व स्थापना को 15 दिसंबर तक पूरा करने के आदेश दिए।

