भैरवतालाब का ऐतिहासिक रथयात्रा मेला आज से होगा शुरू, भगवान जगन्नाथ का रथ खीचेंगे काशीराज परिवार के कुंवर अनंत नारायण 

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बलभद्र और सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर सवार होकर निकलेंगे भगवान जगन्नाथ
 

दर्शन को उमड़ेंगे भक्त, छह किलोमीटर तक सजेगा विशाल मेला, सुरक्षा के विशेष इंतजाम
 

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुदृढ़
 

जर्जर सड़कों को लेकर मेला समिति ने प्रशासन से की आवश्यक व्यवस्था की मांग
 

धूपचंडी चित्रकूट से भी निकलेगी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

वाराणसी। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर राजातालाब क्षेत्र के भैरवतालाब में गुरुवार से ऐतिहासिक रथयात्रा मेले का शुभारंभ होगा। सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार काशीराज परिवार के सदस्य अनंत नारायण सिंह भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा से सुसज्जित भव्य रथ की रस्सी खींचकर मेले का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही क्षेत्र का दो दिवसीय ऐतिहासिक मेला भी शुरू हो जाएगा।

भैरवतालाब की रथयात्रा पूर्वांचल के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में गिनी जाती है। मेले के दौरान लगभग छह किलोमीटर तक श्रद्धालुओं, दुकानों और सांस्कृतिक गतिविधियों से पूरा क्षेत्र गुलजार रहेगा। भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ खींचने के लिए वाराणसी सहित आसपास के जनपदों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

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रथयात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भगवान के रथ को खींचने की परंपरा आज भी काशीराज परिवार द्वारा निभाई जाती है। पूजा-अर्चना के बाद जैसे ही रथ आगे बढ़ेगा, श्रद्धालु भी रस्सी पकड़कर रथ खींचने का पुण्य अर्जित करेंगे। धार्मिक मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

मेला समिति के अध्यक्ष सुदामा राम ने बताया कि आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। प्रशासन के सहयोग से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को भी सुचारु रखने की तैयारी की गई है।
हालांकि, मेला समिति ने मेले के मार्ग की जर्जर सड़कों को लेकर चिंता भी जताई है। समिति का कहना है कि खराब सड़कों के कारण श्रद्धालुओं और वाहनों को आवागमन में कठिनाई हो सकती है। प्रशासन से समय रहते आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

रथयात्रा के अवसर पर शहर के धूपचंडी चित्रकूट क्षेत्र से भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए सुड़िया स्थित अग्रवाल निवास पहुंचेगी। भैरवतालाब का यह ऐतिहासिक आयोजन धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम माना जाता है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।

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