गंगा की लहरों पर काशी से चुनार तक पहली बार तीन दिवसीय क्रूज यात्रा, 4 से 6 सितंबर तक होगा ‘द गंगा हेरिटेज वॉयज’, 60 पर्यटक लेंगे हिस्सा
वाराणसी। काशी आने वाले पर्यटकों के लिए गंगा की लहरों पर पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। पहली बार गंगोत्री क्रूज से वाराणसी से चुनार तक तीन दिवसीय यात्रा कराई जाएगी। ‘द गंगा हेरिटेज वॉयज’ नाम से प्रस्तावित यह यात्रा 4 से 6 सितंबर तक होगी। इसमें करीब 60 पर्यटकों के शामिल होने की संभावना है। क्रूज प्रबंधन ने यात्रा के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है।
इस यात्रा के दौरान पर्यटकों को काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ चुनार के ऐतिहासिक स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय पर्यटन स्थलों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। यात्रा का उद्देश्य केवल गंगा की सैर कराना नहीं, बल्कि जलमार्ग के जरिए काशी और चुनार की समृद्ध विरासत से पर्यटकों को जोड़ना है।

पहले दिन काशी की आध्यात्मिक विरासत का अनुभव
यात्रा के पहले दिन पर्यटकों के लिए काशी में गंगा आरती के दर्शन की व्यवस्था होगी। इसके साथ बनारसी चाय-नाश्ता, शास्त्रीय संगीत और रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। दिनभर के कार्यक्रम के बाद यात्री क्रूज पर ही रात्रि विश्राम करेंगे।
दूसरे दिन चुनार के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल
यात्रा के दूसरे दिन सुबह सूर्योदय के समय गंगोत्री क्रूज चुनार की ओर रवाना होगा। गंगा की लहरों के बीच नाश्ते के साथ यात्रा का आनंद लेते हुए पर्यटक चुनार पहुंचेंगे। यहां सिद्धनाथ दरी और जलप्रपात का गाइडेड भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद चुनार की ऐतिहासिक और विरासत यात्रा के दौरान पर्यटकों को क्षेत्र के इतिहास और प्रमुख स्थलों की जानकारी दी जाएगी।
भ्रमण के बाद क्रूज पर दोपहर का भोजन होगा। इसके बाद यात्रियों को शूलटंकेश्वर मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। शाम को काशी लौटने के बाद क्रूज पर मनोरंजन और रात्रिभोज की व्यवस्था रहेगी।
तीसरे दिन घाटों का होगा जलमार्ग से दीदार
तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन सुबह गंगा की लहरों के बीच योग कराया जाएगा। इसके बाद क्रूज से काशी के ऐतिहासिक घाटों का भ्रमण कराया जाएगा। सूर्योदय के समय गंगा से घाटों का नजारा पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होगा। प्राचीन स्थापत्य, मंदिरों और धार्मिक विरासत को नदी के बीच से देखने के बाद नाश्ते के साथ यात्रा का समापन होगा।
ठहरने की सुविधा वाला क्रूज
गंगोत्री क्रूज अब तक मुख्य रूप से रविदास घाट से नमो घाट के बीच संचालित होता रहा है। यह काशी में गंगा पर संचालित उन क्रूज में शामिल है, जिसमें यात्रियों के ठहरने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसकी सामान्य क्षमता करीब 200 यात्रियों की है, जबकि 48 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। यही सुविधा इसे बहुदिवसीय जल पर्यटन के लिए उपयुक्त बनाती है। वर्तमान में गंगा में अलकनंदा, भगीरथी, स्वामी विवेकानंद और सैम मानिकशॉ सहित कई क्रूज संचालित हो रहे हैं। इनमें अलग-अलग संख्या में यात्रियों के बैठने की क्षमता है।
काशी-चुनार पर्यटन सर्किट को मिलेगा विस्तार
काशी में अब तक क्रूज पर्यटन मुख्य रूप से घाटों और आसपास के क्षेत्रों तक सीमित रहा है। काशी से चुनार तक तीन दिवसीय यात्रा शुरू होने से गंगा के विस्तृत जलमार्ग के साथ उसके किनारे मौजूद ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे चुनार को काशी के पर्यटन सर्किट से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
अलकनंदा क्रूजलाइन के निदेशक विकास मालवीय ने बताया कि 4 से 6 सितंबर तक गंगोत्री क्रूज से काशी-चुनार यात्रा कराई जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। यात्रियों को इस सफर में काशी की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ चुनार के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों का अनुभव कराया जाएगा।

