गंगा तट पर उतरा रामभक्ति का दिव्य स्वरूप: ‘राम कथा मंदाकिनी’ शोभायात्रा में उमड़ा काशी का जनसागर

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। रामनवमी के पावन अवसर पर काशी में निकली विश्व प्रसिद्ध ‘राम कथा मंदाकिनी’ शोभायात्रा ने एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। गंगा तट पर निकली इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीराम भक्तों को दर्शन दे रहे हों।

रामनवमी के पावन अवसर पर काशी में निकली विश्व प्रसिद्ध ‘राम कथा मंदाकिनी’ शोभायात्रा ने एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। गंगा तट पर निकली इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीराम भक्तों को दर्शन दे रहे हों।

परंपरा और श्रद्धा का संगम

शोभायात्रा की शुरुआत तुलसी घाट से विधिवत आरती के साथ हुई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह शोभायात्रा पिछले 39 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है, जो काशी की समृद्ध धार्मिक परंपरा को दर्शाती है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भगवान श्रीराम के जीवन को मर्यादा, सेवा और संस्कार का प्रतीक बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया।

रामनवमी के पावन अवसर पर काशी में निकली विश्व प्रसिद्ध ‘राम कथा मंदाकिनी’ शोभायात्रा ने एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। गंगा तट पर निकली इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीराम भक्तों को दर्शन दे रहे हों।

झांकियों ने किया मंत्रमुग्ध

शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित 15 भव्य झांकियां रहीं। राम दरबार, वन गमन, केवट संवाद, धनुष यज्ञ, लव-कुश प्रसंग और गंगा अवतरण जैसे दृश्य बेहद आकर्षक रहे। प्रयागराज की प्रसिद्ध रामलीला मंडली द्वारा प्रस्तुत झांकियों का महिषासुर घाट पर मंचन भी किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

रामनवमी के पावन अवसर पर काशी में निकली विश्व प्रसिद्ध ‘राम कथा मंदाकिनी’ शोभायात्रा ने एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। गंगा तट पर निकली इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीराम भक्तों को दर्शन दे रहे हों।

केवट बंधुओं का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान 30 केवट बंधुओं को साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान भगवान श्रीराम और केवट के ऐतिहासिक प्रसंग की स्मृति में किया गया, जो सेवा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

रामनवमी के पावन अवसर पर काशी में निकली विश्व प्रसिद्ध ‘राम कथा मंदाकिनी’ शोभायात्रा ने एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। गंगा तट पर निकली इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीराम भक्तों को दर्शन दे रहे हों।

सम्मान और सहभागिता

शोभायात्रा के दौरान श्रेष्ठ झांकियों को राजघाट और महिषासुर घाट पर पुरस्कृत किया गया। साथ ही विभिन्न कलाकारों और मंडलों को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस भव्य आयोजन में शहर के कई गणमान्य लोगों के साथ हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

रामनवमी के इस पावन अवसर पर काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भव्य स्वरूप देखने को मिला, जिसने हर किसी के मन में भक्ति और उत्साह का संचार कर दिया।

रामनवमी के पावन अवसर पर काशी में निकली विश्व प्रसिद्ध ‘राम कथा मंदाकिनी’ शोभायात्रा ने एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। गंगा तट पर निकली इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीराम भक्तों को दर्शन दे रहे हों।

रामनवमी के पावन अवसर पर काशी में निकली विश्व प्रसिद्ध ‘राम कथा मंदाकिनी’ शोभायात्रा ने एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। गंगा तट पर निकली इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीराम भक्तों को दर्शन दे रहे हों।

 रामनवमी के पावन अवसर पर काशी में निकली विश्व प्रसिद्ध ‘राम कथा मंदाकिनी’ शोभायात्रा ने एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। गंगा तट पर निकली इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीराम भक्तों को दर्शन दे रहे हों।

 

Share this story