हेरिटेज मेडिकल कॉलेज के आवास के कमरे में मिला यूरोलॉजिस्ट का शव, बेड पर मिली दवाइयां, मौत की वजह तलाश रही पुलिस

 
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वाराणसी। हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में यूरोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत डॉ. शुभंकर गौतम (40) की शनिवार रात परिसर स्थित उनके आवास में मौत हो गई। उनका शव कमरे नंबर 802 में बेड पर बैठी हुई अवस्था में मिला। रात में मेस में खाना खाने नहीं पहुंचने और फोन नहीं उठाने पर साथी चिकित्सकों को चिंता हुई। सुरक्षा गार्ड के साथ कमरे पर पहुंचे चिकित्सकों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो डॉ. शुभंकर अचेत अवस्था में मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने उनका मोबाइल फोन और घटनास्थल से मिली अन्य सामग्री भी जांच के लिए कब्जे में ली है।

डॉ. शुभंकर गौतम मूल रूप से पटना के रहने वाले थे। पिछले करीब तीन वर्षों से हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में यूरोलॉजिस्ट के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने एम्स से एमएस और इसके बाद एमसीएच की डिग्री हासिल की थी। करीब पांच वर्ष पहले उनका विवाह हुआ था। उनका परिवार पटना में रहता था, जबकि वह वाराणसी में अकेले रहते थे।

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सुबह ओपीडी में देखे मरीज, फिर आवास में चले गए
साथी चिकित्सकों के अनुसार शनिवार सुबह डॉ. शुभंकर ने अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को देखा। इसके बाद वह मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित अपने आवास पर चले गए। बताया जा रहा है कि शाम के समय उनकी पत्नी से फोन पर बातचीत हुई थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। हालांकि, विवाद किस विषय को लेकर हुआ था, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।

बताया जा रहा है कि फोन पर बातचीत के बाद डॉ. शुभंकर कुछ समय के लिए अस्पताल भी गए थे। वहां से चिकित्सकीय सामग्री लेकर वापस अपने कमरे में लौटे। इसके बाद उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। देर रात तक कमरे से बाहर नहीं आने पर साथियों को घटना की जानकारी हुई।


सुरक्षागार्ड को साथ लेकर पहुंचे साथी 
शनिवार रात करीब 10 बजे तक डॉ. शुभंकर मेस में खाना खाने नहीं पहुंचे। इस पर उनके साथी चिकित्सकों ने मोबाइल फोन से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं उठा। कई बार कॉल करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो साथियों ने सुरक्षा गार्ड को साथ लिया और उनके कमरे पर पहुंचे।

काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अनहोनी की आशंका पर दरवाजा तोड़कर चिकित्सकों और सुरक्षा गार्ड ने कमरे में प्रवेश किया। अंदर बेड पर डॉ. शुभंकर का शव बैठी हुई अवस्था में मिला। घटनास्थल के पास चिकित्सकीय सामग्री और दवा की खाली शीशी भी पड़ी मिली। पुलिस ने मौके से मिली वस्तुओं को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।


महिला चिकित्सक भी घबराकर कमरे से बाहर निकलीं
कमरे में पहुंचने के दौरान मौजूद एक महिला चिकित्सक ने डॉ. शुभंकर को आवाज दी और उन्हें हिलाकर जगाने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। स्थिति देखकर वह घबरा गईं और कमरे से बाहर निकल गईं। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने की घटना का वीडियो भी साथियों द्वारा बनाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस इस वीडियो के साथ घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

मोबाइल और कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने डॉ. शुभंकर का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले उन्होंने पत्नी और परिवार के सदस्यों से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत में क्या हुआ था और उसका घटना से कोई संबंध था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस मोबाइल फोन और कॉल विवरण के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

पटना से पहुंचे स्वजन
घटना की जानकारी मिलने के बाद रविवार सुबह डॉ. शुभंकर के स्वजन पटना से वाराणसी पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल फोन की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जानकारी जुटाई जा रही है।

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