वाराणसी के 5 हस्तशिल्पियों की प्रतिभा को मिलेगा  सम्मान 

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- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 जनवरी को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में करेंगे सम्मानित

- काशी की प्राचीन कला और शिल्प को योगी सरकार ने दिया नया आयाम

- अब अंतरराष्ट्रीय हैंडीक्राफ्ट बाजार में तेजी से अपनी छाप छोड़ रहा काशी का शिल्प वैभव
 
वाराणसी।
योगी सरकार ने काशी की प्राचीन कला और शिल्प को नया आयाम दिया है।  पारंपरिक हस्तशिल्प, जीआई और ओडीओपी लोकल से ग्लोबल बना चुका है। काशी का शिल्प वैभव अब अंतरराष्ट्रीय हैंडीक्राफ्ट बाजार में तेजी से अपनी छाप छोड़ रहा है। काशी का गौरव बढ़ाने वाले 5 हस्तशिल्पियों को उत्तर प्रदेश दिवस 2025-26 पर सम्मानित किया जाएगा। 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के कई शिल्पियों को राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार और हस्तशिल्प दक्षता पुरस्कार प्रदान करेंगे। इसमें से वाराणसी के विभिन्न विधा से जुड़े 5 शिल्पी भी शामिल हैं। जीआई और ओडीओपी के शिल्पियों को सॉफ्ट स्टोन जाली, काष्ठ कला (लकड़ी के खिलौने) और कालीन जैसी पारंपरिक कलाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जायेगा।

संयुक्त आयुक्त उद्योग मोहन कुमार शर्मा ने बताया कि यूपी दिवस पर 24 जनवरी को वर्ष 2025-26 के लिए चयनित वाराणसी के 5 शिल्पियों में से 3 को राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार और 2 को हस्तशिल्प दक्षता पुरस्कार दिया जाएगा। राज्य पुरस्कार के अंतर्गत 35 हजार रुपये,जबकि दक्षता पुरस्कार के तहत 20 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान  किया जायेगा।

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राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित होने की सूची में शामिल काष्ठ कला शिल्पी पवन शर्मा ने कहा कि योगी सरकार द्वारा हस्तशिल्प को जीआई और ओडीओपी में शामिल किए जाने से शिल्पकारों को बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा, “हमारी पुश्तैनी कला लगभग खत्म हो रही थी, कलाकार निराश हो चुके थे परंतु प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रयासों से न सिर्फ हमारी कला को पहचान मिली, बल्कि सैकड़ों परिवारों को आजीविका भी मिली। राज्य पुरस्कार मिलना हमारे जैसे शिल्पियों के लिए गर्व की बात है।

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राज्य हस्तशिल्प दक्षता पुरस्कार के लिए चुनी गईं सॉफ्ट स्टोन जाली की कलाकार रेखा मौर्या ने बताया कि उनका परिवार वर्षों से हस्तशिल्प से जुड़ा है, लेकिन योगी सरकार में शिल्पियों के हुनर को सही पहचान मिली  है। जिससे हमारा आत्मविश्वास और आय बढ़ रही है।


राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार वर्ष 2025-26 से पुरस्कृत होने वाले वाराणसी के शिल्पी

राजेश यादव – सॉफ्ट स्टोन जाली (सादा हाथी फूल जाली जानवर मूर्ति)

पवन शर्मा– काष्ठ कला (राम दरबार मूर्ति)

चंपा देवी– कालीन (शिकारगाह कालीन)


हस्तशिल्प दक्षता पुरस्कार से पुरस्कृत होने वाले शिल्पी

रेखा मौर्या – सॉफ्ट स्टोन जाली (महाराजा काशी नरेश की कलाकृति)

 रामचंद्र सिंह – काष्ठ कला, लकड़ी के खिलौना (विराट हनुमान जी)

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