स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले - मेरा पहला वोट किसी और ने डाल दिया था, चुनाव प्रणाली, जेन-जी और अयोध्या पर रखे विचार 

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वाराणसी में बटुकों ने मंत्रोच्चार के बीच किया स्वागत, गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मुहिम पर राजनीतिक दलों से स्पष्ट रुख बताने को कहा

कहा- खुद चुनाव लड़ने का इरादा नहीं, दलों से मांगा शपथपत्र, ईवीएम और चुनाव व्यवस्था पर भी साझा किया अपना पुराना मतदान अनुभव

वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को वाराणसी पहुंचे। यहां बटुकों ने मंत्रोच्चार के बीच उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने की मुहिम, चुनाव व्यवस्था, ईवीएम, जेन-जी और अयोध्या से जुड़े मामलों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए काशी में रणनीति तैयार की जाएगी। शंकराचार्य ने चुनाव प्रक्रिया पर विचार रखते हुए अपने पहले मतदान का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जब पहली बार मतदान करने मतदान केंद्र पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका वोट पहले ही डाला जा चुका है। 
  

 

शंकराचार्य ने कहा कि उनका स्वयं चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। वह चाहते हैं कि चुनाव मैदान में उतरने वाले राजनीतिक दल गोमाता के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि यदि सत्ताधारी दल गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की घोषणा करता है तो किसी अन्य के पास जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने विपक्षी दलों से शपथपत्र के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि कोई दल इस मुद्दे पर घोषणा नहीं करता और परिस्थितियां बनती हैं तो आगे चुनाव लड़वाने पर विचार किया जा सकता है।

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पहली बार मतदान का सुनाया अनुभव
चुनाव व्यवस्था पर चर्चा के दौरान शंकराचार्य ने अपने पहले मतदान का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि काशी में पढ़ाई के दौरान उनका मतदाता पहचान पत्र बना था। पहली बार मतदान के लिए जब वह मतदान केंद्र पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका वोट पहले ही डाला जा चुका है। उस समय मतपत्र से मतदान होता था। उन्होंने इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी।

उन्होंने बताया कि बाद में मतदान का अवसर मिलने पर उन्होंने गणेश प्रतिमा से जुड़े एक मामले के विरोध में शहर उत्तरी और दक्षिणी विधानसभा क्षेत्रों से दो प्रत्याशी खड़े किए और मतदान के दिन सबसे पहले पहुंचकर अपना वोट दिया।

जेन-जी और अयोध्या मामले पर भी बोले
जेन-जी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि युवा अभी बहुत कुछ सीखने की अवस्था में हैं और उन्हें किसी कदम के परिणाम की पूरी जानकारी नहीं होती। उन्होंने कहा कि देश में डर का वातावरण बना दिया गया है और विद्वान एवं जिम्मेदार लोगों को युवाओं के समर्थन में खड़ा होना चाहिए।

अयोध्या में चोरी के खुलासे से जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने एसआईटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कोषाध्यक्ष की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए व्यवस्था पर टिप्पणी की। उन्होंने सरकार के कार्यकाल में 71 लाख गायों की मौत का दावा भी किया और इसी संदर्भ में दूध की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाया। ये आंकड़े और आरोप उनके वक्तव्य के रूप में सामने आए।

ईवीएम के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अब पुराना हो चुका है। चुनाव आयुक्त को लेकर उठे सवालों के संदर्भ में भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि संबंधित विभाग की ओर से प्रमाणीकरण के बाद भी व्यवस्था जारी है।

BK Pathak
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Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

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