स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 7 मार्च से शुरू करेंगे पदयात्रा, 11 मार्च को लखनऊ में देंगे धरना
वाराणसी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने घोषणा की है कि वे 7 मार्च से पदयात्रा प्रारंभ करेंगे और 11 मार्च को लखनऊ पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने इसे शासन के लिए अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि यह यात्रा गो-प्रतिष्ठा और धर्मरक्षा के संकल्प के साथ निकाली जा रही है।
उन्होंने बताया कि 7 मार्च की सुबह 8:30 बजे वाराणसी स्थित श्रीविद्या मठ से यात्रा का शुभारंभ होगा। संकल्प लेकर यात्रा काशी क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होकर आगे बढ़ेगी। पहले दिन चोलापुर और बड़ागांव क्षेत्र में प्रवास के बाद श्रद्धालुओं के साथ संवाद किया जाएगा। दूसरे दिन सुल्तानपुर और रायबरेली मार्ग से यात्रा आगे बढ़ेगी। तीसरे दिन प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज में सभा आयोजित की जाएगी, जहां धर्माचार्यों और संतों से विचार-विमर्श होगा।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान गो-रक्षा, सनातन परंपराओं की रक्षा और धार्मिक सम्मान के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। 10 मार्च को लखनऊ पहुंचकर पदयात्री विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन करेंगे और 11 मार्च को दोपहर बाद कांशीराम स्मृति उपवन में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान माल्यार्पण, गोपूजन और संकल्प सभा का आयोजन भी प्रस्तावित है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि 9-10 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने इसे शांतिपूर्ण एवं वैचारिक आंदोलन बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और शासन का ध्यान धार्मिक विषयों की ओर आकर्षित करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि सनातन परंपराओं और गौ-संरक्षण के प्रति समाज को संगठित करने का प्रयास है। बड़ी संख्या में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं के यात्रा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

