दुल्लहपुर-सादात खंड का सफल स्पीड ट्रायल, 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर हुई टेस्टिंग

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वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। इसी क्रम में, भटनी-औंड़िहार (117 किमी.) दोहरीकरण परियोजना के तहत दुल्लहपुर-सादात (18.51 किमी.) रेल खंड के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इस खंड का संरक्षा निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल 25 एवं 26 मार्च को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर टेस्टिंग हुई। 


रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), उत्तर पूर्व सर्किल, प्रणजीव सक्सेना ने इस खंड का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय एवं वाराणसी मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सीआरएस ने दुल्लहपुर स्टेशन यार्ड में दोहरीकरण कार्यों का निरीक्षण किया, जिसमें नवनिर्मित पैसेंजर प्लेटफॉर्म, लूप लाइन हेतु डाले गए नए ट्रैक, टर्नआउट, स्विच एक्सटेंशन जॉइंट्स, माइनर ब्रिज और समपार फाटक सं. 11 एवं 13 के तकनीकी कार्य शामिल थे। उन्होंने स्टेशन पर तकनीकी दस्तावेजों, स्टेशन वर्किंग रूल्स, नए सर्किट डायग्राम, ट्रैक फार्मेशन एवं अर्थवर्क रिकॉर्ड, पॉइंट्स क्रॉसिंग, लॉन्ग रेल वेल्डिंग एवं अल्ट्रासाउंड जांच रिकॉर्ड तथा सिग्नलिंग सिस्टम का गहन परीक्षण किया।

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इससे पूर्व, 25 मार्च को सीआरएस ने मोटर ट्रॉली से सादात-जखनियां-दुल्लहपुर ब्लॉक सेक्शन का निरीक्षण कर संरक्षा मानकों का परीक्षण किया। निरीक्षण के बाद दुल्लहपुर से सादात तक सीआरएस स्पेशल ट्रेन द्वारा स्पीड ट्रायल किया गया, जिसमें अधिकतम 120 किमी/घंटे की गति से सफल ट्रायल पूरा किया गया। 


भटनी-औंड़िहार दोहरीकरण परियोजना के तहत अब तक 74 किमी रेल खंड का कार्य पूरा हो चुका है। शेष 43 किमी खंड में पिविकोल-बेल्थरा रोड एवं मऊ-दुल्लहपुर सेक्शन का दोहरीकरण कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना के पूर्ण होने से रेल यातायात का दबाव कम होगा, ट्रेनों की क्रॉसिंग के कारण होने वाली देरी घटेगी, गाड़ियां तेज गति से चल सकेंगी और लाइन क्षमता में वृद्धि होगी। इससे यात्रियों की मांग के अनुसार अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकेंगी और क्षेत्र का आर्थिक विकास भी सुनिश्चित होगा।

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