गांधी के सत्य-अहिंसा के आदर्शों को जीवन में उतारें विद्यार्थी : प्रो. बिहारीलाल शर्मा

123
WhatsApp Channel Join Now

सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में गांधी-शास्त्री जयंती पर ‘महात्मा गांधी एवं अहिंसा’ विषयक कार्यक्रम

वाराणसी। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती श्रद्धा और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर ‘महात्मा गांधी एवं अहिंसा’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित महात्मा गांधी की अति प्राचीन प्रतिमा पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा सहित आचार्यों और अतिथियों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य और अहिंसा का अनुपम संदेश देता है। महापुरुषों की जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि गांधी ने सिद्ध किया कि अहिंसा दुर्बलता नहीं, बल्कि आत्मबल, संयम और नैतिक साहस की शक्ति है। युवा पीढ़ी सत्य को जीवन का आधार, अहिंसा को आचरण और सेवा को संकल्प बनाए तो यह गांधी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

123

उन्होंने लालबहादुर शास्त्री के जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि सादगी, ईमानदारी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएं थीं। गांधी और शास्त्री दोनों ने अपने आचरण से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के संयोजक सामाजिक विज्ञान विभाग के आचार्य एवं छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने कहा कि महापुरुषों का जीवन विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने नई पीढ़ी को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित कराने के लिए वृत्तचित्र निर्माण और समय-समय पर संगोष्ठियों के आयोजन पर जोर दिया।

मुख्य वक्ता न्याय विभाग के सहायक आचार्य डॉ. दुर्गेश पाठक ने कहा कि साक्षर और शिक्षित होने में अंतर है। महापुरुष अपने जीवन और आचरण से दोनों के बीच सेतु का कार्य करते हैं। अर्थशास्त्र विभाग के आचार्य एवं पुस्तकाध्यक्ष प्रो. राजनाथ ने विरासत, परंपरा और संस्कृति के प्रति स्वाभिमान के साथ राष्ट्रहित में योगदान देने का आह्वान किया। वेदांत के वरिष्ठ आचार्य प्रो. सुधाकर मिश्र ने भी गांधी के जीवन-मूल्यों और अहिंसा की प्रासंगिकता पर विचार रखे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ। मां सरस्वती और गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया गया। स्वागत एवं संचालन डॉ. रविशंकर पांडेय ने किया। डॉ. सत्येंद्र कुमार ने आभार जताया। अंत में सभी ने सामूहिक राष्ट्रगान किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के आचार्य, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

BK Pathak
BK Pathak

21171 Articles

Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

Share this story