बीएचयू परिसर में छात्रों का प्रदर्शन, सोनम वांगचुक के समर्थन में कुलपति आवास तक निकाली रैली, सुरक्षाकर्मियों से हुई नोकझोंक
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में सोमवार को छात्रों ने विभिन्न छात्र हितों के मुद्दों और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में विशाल प्रदर्शन किया। विश्वनाथ मंदिर परिसर से शुरू हुई रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान परिसर नारों से गूंज उठा और छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान कुलपति आवास जाने से रोकने पर सुरक्षाकर्मियों के साथ नोकझोंक भी हुई। एक छात्र सुरक्षाकर्मियों के वाहन पर चढ़ गया। उसे उतारने में सुरक्षाकर्मी हलकान दिखे।

रैली विश्वनाथ मंदिर परिसर से शुरू होकर सोशल साइंस फैकल्टी, छात्र कल्याण भवन, कुलपति आवास, महिला महाविद्यालय होते हुए सिंहद्वार तक पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की स्वतंत्रता की मांग करते रहे। रैली में छात्राओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही, सोनम वांगचुक के समर्थन में भी जमकर नारे लगाए और उनके द्वारा उठाए जा रहे छात्र एवं शिक्षा संबंधी मुद्दों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। जब रैली छात्र कल्याण भवन के सामने पहुंची, तो विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों ने छात्रों को कुलपति आवास की ओर बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ देर के लिए छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, बाद में छात्र आगे बढ़ते हुए कुलपति आवास के समीप पहुंच गए, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार को छात्रों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का सम्मान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी रही। बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने के कारण कुछ समय के लिए विश्वविद्यालय परिसर के प्रमुख मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित रहा। बाद में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ और छात्र अपने-अपने छात्रावासों एवं विभागों की ओर लौट गए।






