सोनम वांगचुक के समर्थन में बीएचयू में दूसरे दिन भी छात्रों का प्रदर्शन, विश्वनाथ मंदिर परिसर में की नारेबाजी, अलर्ट रही पुलिस
वाराणसी। बीएचयू में सोनम वांगचुंग के समर्थन में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार को सैकड़ों छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर के समीप एकत्र हुए और हाथों में बैनर एवं पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग भी उठाई। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस अलर्ट रही।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का आरोप था कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर है और इसे शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने विश्वनाथ मंदिर परिसर के आसपास मार्च निकालते हुए नारे लगाए। इस बीच बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसे लेकर कुछ समय के लिए छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार की हिंसक स्थिति उत्पन्न नहीं हुई और मामला जल्द ही शांत करा दिया गया।
संभावित तनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। विश्वनाथ मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बीएचयू के सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। इसके अलावा स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए लगातार स्थिति की निगरानी की।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना था कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से जल्द कोई ठोस पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। छात्रों ने यह भी कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते रहेंगे।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। लगातार दूसरे दिन हुए इस प्रदर्शन से परिसर में आंदोलन का माहौल बना रहा, जबकि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहीं।

