काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया प्रदर्शन, छात्रसंघ भवन का ताला तोड़कर चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में गुरुवार को छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने छात्र संघ भवन का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद छात्रों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और थाली बजाकर प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को सरकार को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
छात्र नेता विश्वनाथ कुंवर ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सरकार को छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जंतर-मंतर पर धरनारत छात्रों की मांगों को स्वीकार किया जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें।

वहीं, काशी विद्यापीठ के चीफ प्रॉक्टर ए.के. सिंह ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद की जयंती के अवसर पर सुबह विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया था। इसके बाद नियमानुसार छात्रसंघ भवन का ताला बंद कर दिया गया था। बाद में सूचना मिली कि कुछ छात्र परिसर में पहुंचे और ताला तोड़कर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी भवन का ताला तोड़कर प्रवेश करना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि घटना के साक्ष्यों की जांच की जा रही है और जिन छात्रों द्वारा ताला तोड़ा गया है, उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

