चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग पर बीएचयू में छात्रों का प्रदर्शन, केंद्रीय कार्यालय घेरने पहुंचे, सुरक्षाकर्मियों से हुए नोकझोंक 

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वाराणसी। बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर की कार्यप्रणाली के विरोध में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे। इस दौरान प्रॉक्टोरियल बोर्ड और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। रास्ता रोकने को लेकर दोनों पक्षों के बीच हल्की धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चीफ प्रॉक्टर को तत्काल पद से हटाने की मांग की।

जांच और कार्रवाई के नाम पर परेशान करने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में अपनी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ जांच समितियां गठित कर दी जाती हैं। इसके बाद उन्हें अलग-अलग कार्यालयों में बुलाकर पूछताछ की जाती है। छात्रों का कहना है कि इस प्रक्रिया से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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एबीवीपी की बीएचयू इकाई के अध्यक्ष पल्लव और पुनीत ने आरोप लगाया कि चीफ प्रॉक्टर के निर्देश पर कई मामलों में छात्रों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। छात्र नेताओं ने प्रॉक्टोरियल व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की शिकायतों को सुनने और उनका समाधान करने के लिए पारदर्शी एवं निष्पक्ष व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग दोहराई।

नौ प्रमुख मांगें रखीं
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने नौ प्रमुख मांगें रखीं। इनमें चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड को तत्काल बर्खास्त करने तथा छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे और दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग शामिल है। छात्रों ने विद्यार्थियों के कथित उत्पीड़न और अभद्रता पर रोक लगाने के साथ 12 सितंबर को हुई प्रेक्षागृह आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।

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सुरक्षा और सुविधाओं का मुद्दा उठाया
छात्रों ने परिसर में बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और अंधेरे वाले क्षेत्रों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा मधुवन उद्यान सहित सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी बढ़ाने और नशाखोरी पर रोक लगाने की बात कही। परिसर की खाद्य दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा अनिवार्य रूप से रेट लिस्ट प्रदर्शित कराने की मांग भी उठाई। छात्रों ने कहा कि उनकी मांगें विद्यार्थियों की सुरक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता और परिसर में बेहतर व्यवस्था से जुड़ी हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की।

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