बीएचयू के बिड़ला सी हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे गायब होने पर बवाल, छात्रों ने जुर्माने के खिलाफ किया प्रदर्शन

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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय एक बार फिर छात्र विरोध प्रदर्शन को लेकर सुर्खियों में है। विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कुछ समय से अलग-अलग मुद्दों को लेकर लगातार धरना और आंदोलन देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच अब बीएचयू के बिड़ला सी हॉस्टल से 12 सीसीटीवी कैमरे गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हॉस्टल प्रशासन द्वारा छात्रों पर सामूहिक अर्थदंड लगाए जाने के बाद विद्यार्थियों में भारी नाराजगी फैल गई। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णय के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। 

बिड़ला सी हॉस्टल परिसर में लगे 12 सीसीटीवी कैमरे अचानक गायब पाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए हॉस्टल प्रशासन ने इसकी जांच शुरू की। जांच के बाद वार्डेन की ओर से हॉस्टल के 15 से अधिक कमरों में रहने वाले छात्रों पर सामूहिक रूप से जुर्माना लगा दिया गया। प्रशासन ने कुल 2708 रुपये का अर्थदंड निर्धारित किया, जिसके तहत प्रत्येक छात्र से लगभग 1354 रुपये जमा करने को कहा गया।

हॉस्टल प्रशासन के इस फैसले के बाद छात्रों में असंतोष फैल गया। छात्रों का कहना था कि बिना निष्पक्ष जांच और वास्तविक दोषियों की पहचान किए सभी छात्रों पर सामूहिक दंड लगाना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। इसी के विरोध में बृहस्पतिवार देर रात छात्रों ने हॉस्टल परिसर में धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जुर्माना वापस लेने की मांग उठाई।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि सीसीटीवी कैमरे गायब हुए हैं तो इसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। छात्रों ने कहा कि निर्दोष विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डालना गलत है और इससे छात्रों में असुरक्षा और नाराजगी बढ़ रही है।

देर रात तक चले प्रदर्शन के कारण हॉस्टल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर हॉस्टल प्रशासन और वार्डेन मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। काफी देर तक चली वार्ता के बाद वार्डेन ने छात्रों को मामले पर पुनर्विचार करने और उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया।

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