बीएचयू में छात्राओं ने निकाला आक्रोश मार्च, महिला सुरक्षा और समानता को लेकर उठाई आवाज
वीटी से एमएमवी तिराहे तक निकला मार्च, भगतसिंह छात्र मोर्चा की वाराणसी इकाई ने किया समर्थन
वाराणसी। बीएचयू में महिला सुरक्षा, पितृसत्ता और महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार को छात्राओं ने आक्रोश मार्च निकाला। वीटी से शुरू होकर मार्च एमएमवी तिराहे तक पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। भगतसिंह छात्र मोर्चा की वाराणसी इकाई ने भी मार्च में शामिल होकर प्रदर्शन का समर्थन किया। मार्च में महिला छात्राओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने महिला सुरक्षा, कथित भेदभाव, नैतिक निगरानी और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवाज उठाई। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। इसके पीछे सामाजिक असमानता और पितृसत्तात्मक सोच भी जिम्मेदार है। उन्होंने महिला अधिकारों और समानता के लिए सामाजिक बदलाव की जरूरत बताई।

छात्राओं को मार्च में रोकने का आरोप
भगतसिंह छात्र मोर्चा की वाराणसी इकाई ने आरोप लगाया कि छात्राओं की मार्च में भागीदारी रोकने के प्रयास किए गए थे। हालांकि, इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्राएं मार्च में शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्राएं अपनी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर स्वयं आवाज उठाने के लिए आगे आ रही हैं।
संगठन ने बीएचयू परिसर में महिला छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और बल प्रयोग के मामलों का भी मुद्दा उठाया। आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन करने वाली छात्राओं के साथ पुरुष सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा अनुचित व्यवहार और नैतिक निगरानी की शिकायतें सामने आती रही हैं। संगठन ने शिकायतों की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रशासन से पारदर्शी व्यवस्था की मांग
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों से जुड़े मामलों में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अवसर देने, सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण करने की मांग की।
मार्च के दौरान वक्ताओं ने महिला अधिकारों को आर्थिक और सामाजिक समानता से भी जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ भेदभाव खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर समानता की सोच विकसित करनी होगी। संगठन ने छात्रों, शिक्षकों, मजदूरों और बुद्धिजीवियों से महिला अधिकारों और सामाजिक समानता के मुद्दों पर एकजुट होने की अपील की। प्रदर्शन के समापन पर छात्र-छात्राओं ने महिला सुरक्षा, समानता और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल की मांग दोहराई। संगठन की ओर से इन मुद्दों को लेकर आगे भी आवाज उठाने का आह्वान किया गया।

