काशी विद्यापीठ में छात्रों का हंगामा, परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, पेपर देने के बाद भी गैरहाजिर करने का लगाया आरोप
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का आक्रोश बुधवार को खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा देने के बावजूद उन्हें अनुपस्थित दिखाया जा रहा है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से लगातार सामने आ रही है। कई विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने नियमित रूप से परीक्षा दी, लेकिन परिणाम घोषित होने पर उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया गया। इससे छात्रों को न केवल मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है, बल्कि उनकी पढ़ाई और करियर भी प्रभावित हो रहे हैं।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और परीक्षा से जुड़ी एजेंसी पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि परीक्षा संबंधी कार्य देखने वाली एजेंसी लंबे समय से विश्वविद्यालय परिसर के बाहर से काम कर रही है, जिसके कारण पारदर्शिता की कमी और तकनीकी गड़बड़ियां लगातार बढ़ रही हैं। छात्रों ने मांग की कि संबंधित एजेंसी को दोबारा विश्वविद्यालय परिसर में स्थानांतरित किया जाए, ताकि परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया की बेहतर निगरानी हो सके।

धरना प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह केवल कुछ छात्रों का मामला नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरने में शामिल छात्रों ने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। छात्रों का आरोप है कि हर वर्ष इसी तरह की गड़बड़ियों के कारण विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से शिवम् यादव ‘भक्ति’, अश्विनी पटेल, नितेश यादव ‘बुलेट’, आयुष यादव, जन्नत अख्तर समेत कई छात्र मौजूद रहे।

