बीएचयू में छात्र आंदोलन 12वें दिन भी जारी, एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने खून से लिखा पत्र

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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और अन्य छात्रहित से जुड़ी 10 सूत्री मांगों को लेकर एबीवीपी का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को 12वें दिन भी जारी रहा। लगातार आंदोलन के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मांगों पर ठोस पहल नहीं किए जाने के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्राओं ने अपने खून से पत्र लिखकर विरोध जताया। संगठन ने इसे छात्र सुरक्षा और न्याय के मुद्दे पर प्रशासन की कथित उदासीनता के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने खून से लिखे पत्र के जरिए विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान लंबित मांगों और छात्रों से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित किया। संगठन का कहना है कि पिछले 12 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से धरना चल रहा है, लेकिन मांगों के समाधान को लेकर प्रशासन की ओर से प्रभावी पहल नहीं हुई है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आंदोलन को नजरअंदाज करने के बजाय प्रशासन को छात्रों के साथ संवाद कर समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

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प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप
एबीवीपी बीएचयू इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 दिनों के आंदोलन के बावजूद प्रशासन की गंभीरता नजर नहीं आ रही है। बीते पांच दिनों में छात्रों से बातचीत के लिए केवल एक व्यक्ति के पहुंचने को उन्होंने प्रशासन के रवैये का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि खून से पत्र लिखकर छात्रों ने यह संदेश दिया है कि सुरक्षा और न्याय का मुद्दा उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है।

इकाई मंत्री अनुराग तिवारी ने कहा कि छात्र सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मामलों में प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक है। संगठन की प्रमुख मांगों में चीफ प्रॉक्टर का इस्तीफा, प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जवाबदेही तय करना, छात्रों पर हुई दंडात्मक कार्रवाई की समीक्षा, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाना शामिल है।

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इसके अलावा परिसर में सीसीटीवी कैमरों और स्ट्रीट लाइट की समुचित व्यवस्था, सभागार आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच तथा छात्रहित से जुड़े प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी की जा रही है।


5 अक्टूबर को प्रेस वार्ता
एबीवीपी बीएचयू इकाई ने घोषणा की कि आंदोलन की स्थिति, 10 सूत्री मांगों और विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका को लेकर 5 अक्टूबर 2026 को प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी। इसमें संगठन आंदोलन के आगामी कार्यक्रम और आगे की रणनीति की जानकारी देगा। संगठन ने कहा कि मांगों पर ठोस और त्वरित कार्रवाई होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित को प्राथमिकता देते हुए तत्काल संवाद स्थापित करने और लंबित मांगों के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

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