बीएचयू मारपीट मामले में एकतरफा कार्रवाई के आरोप से भड़के छात्र, परिसर में तनाव, निगरानी बढ़ी
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हुई मारपीट की घटना अब शांत होने के बजाय और तूल पकड़ती जा रही है। मामले में एक पक्ष की एफआईआर दर्ज होने के बाद दूसरा पक्ष न्याय की मांग को लेकर पुलिस थाने और विश्वविद्यालय प्रशासन के चक्कर काट रहा है। छात्रों का आरोप है कि पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई निष्पक्ष न होकर एकतरफा है, जिससे परिसर का माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है।

एफआईआर को लेकर छात्रों में बढ़ती नाराजगी
घटना के बाद जैसे ही एक पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, वैसे ही छात्रों के एक बड़े समूह में असंतोष फैल गया। छात्रों का कहना है कि विवाद में शामिल दोनों पक्षों की बात सुने बिना ही कार्रवाई कर दी गई। उनका आरोप है कि पुलिस ने केवल एक पक्ष की शिकायत को आधार बनाकर मुकदमा दर्ज किया, जबकि दूसरे पक्ष की तहरीर को गंभीरता से नहीं लिया गया।
“पहले शिकायत की, फिर भी नहीं सुनी गई बात”
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब जिन छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, उन्होंने खुद को जानबूझकर फंसाने का आरोप लगाया। इन छात्रों का दावा है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने सबसे पहले प्रॉक्टोरियल बोर्ड, काशी हिंदू विश्वविद्यालय और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके उलट, बाद में दूसरे पक्ष की शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली गई।

एकतरफा कार्रवाई से बिगड़ रहा माहौल
आरोपी बनाए गए छात्रों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से विश्वविद्यालय परिसर में असंतोष और अविश्वास का माहौल बन रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच करने के बजाय दबाव में आकर निर्णय ले रहा है। छात्रों का मानना है कि अगर दोनों पक्षों की शिकायतों पर समान रूप से कार्रवाई नहीं हुई, तो विवाद और गहरा सकता है।

छात्र संगठनों की एंट्री, निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब छात्र संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि दोनों पक्षों की शिकायतों को सुनकर निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

परिसर में तनाव, निगरानी बढ़ी
फिलहाल काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में इस घटना को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है। छात्र समूहों में चर्चा और नाराजगी साफ देखी जा सकती है। अब सबकी निगाहें पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे इस विवाद को शांत करने के लिए क्या ठोस और संतुलित निर्णय लेते हैं।


