IGRS शिकायतों पर सख्ती: वीडीए सचिव ने तय किए निस्तारण के सख्त मानक, लापरवाही पर कार्रवाई तय
वाराणसी। विकास प्राधिकरण में जनशिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। वीडीए सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में आईजीआरएस (एकीकृत जनशिकायत निवारण प्रणाली) से जुड़े प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें शिकायतों के निस्तारण के लिए सख्त मानक तय किए गए। सचिव ने लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनशिकायतों का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक जोनल अधिकारी को एक सप्ताह में न्यूनतम पांच फाइलों तथा प्रत्येक अवर अभियंता को अनिवार्य रूप से कम से कम दस फाइलों का निस्तारण करना होगा। यह लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाना आवश्यक होगा।
डॉ. मिश्रा ने यह भी निर्देशित किया कि आईजीआरएस से संबंधित सभी प्रकरणों में आख्या भेजने से पूर्व जोनल अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय जांच करेंगे। जांच के बाद ही सुस्पष्ट, तथ्यपरक और गुणवत्तापूर्ण आख्या प्रेषित की जाए, ताकि शिकायतकर्ता को वास्तविक और संतोषजनक समाधान मिल सके। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिकायत के मूल कारण को समझते हुए समाधान देना अनिवार्य है।
मीटिंग में यह भी साफ कर दिया गया कि यदि आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों का निस्तारण नियत समयावधि से सात दिन पूर्व नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी को लेकर अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आईजीआरएस प्रभारी एस.पी. वर्मा, जोन-1 के सहायक नगर नियोजक एवं जोनल अधिकारी सौरभ जोशी तथा अवर अभियंता जय प्रकाश गुप्ता, जोन-2 के जोनल अधिकारी प्रकाश और अवर अभियंता सोनू कुमार, जोन-3 के प्रभारी जोनल अधिकारी रविन्द्र प्रकाश एवं अवर अभियंता आदर्श निराला, जोन-4 के जोनल अधिकारी सौरभ देव प्रजापति एवं अवर अभियंता सोनू कुमार, जोन-5 के जोनल अधिकारी अशोक त्यागी एवं अवर अभियंता संजय तिवारी के साथ मुख्य भवन लिपिक और पांचों जोनों के फील्ड सुपरवाइजर भी उपस्थित रहे।

