पटरी व्यवसाइयों ने वेंडिंग जोन बहाल करने, नाइट मार्केट में दुकानों के आवंटन की जांच और पुलिस उत्पीड़न रोकने की मांग, बोले- 72 घंटे में मांगें नहीं मानीं तो शुरू करेंगे आंदोलन

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। पटरी व्यवसायियों के लगातार उत्पीड़न और वेंडिंग जोन से हटाए जाने के विरोध में राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ ने आंदोलन का एलान किया है। शुक्रवार को इंग्लिशिया लाइन स्थित जवाहरलाल नेहरू मार्केट में संगठन के कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक निगम ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन पर पथ विक्रेता (आजीविका संरक्षण और विनियमन) अधिनियम, 2014 के प्रावधानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आगामी सप्ताह से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।

अभिषेक निगम ने कहा कि अधिनियम के तहत पथ विक्रेताओं की आजीविका और उनके व्यवसाय को संरक्षण देने के साथ शहर में वेंडिंग जोन विकसित करने का प्रावधान है। उनके अनुसार, वाराणसी नगर निगम ने पहले 63 वेंडिंग जोन बनाए थे, लेकिन इनमें से 26 को बाद में समाप्त कर दिया गया। उनका दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से इन क्षेत्रों में व्यवसाय करने वाले सैकड़ों पटरी व्यवसायियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से पटरी व्यवसायियों को ऋण उपलब्ध करा रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर लिए जा रहे निर्णयों से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। महासंघ ने चौकाघाट-लहरतारा फ्लाइओवर के नीचे बने नाइट मार्केट का मुद्दा भी उठाया। संगठन का आरोप है कि वास्तविक पटरी व्यवसायियों को हटाकर दुकानों का आवंटन किया गया। बाद में नाइट मार्केट हटाए जाने के बावजूद व्यवसायियों को वहां दोबारा बसाने की कार्रवाई नहीं हुई।

सारनाथ के हवेलिया तिराहा स्थित स्ट्रीट फूड हब को लेकर भी संगठन ने सवाल उठाए। महासंघ का आरोप है कि वहां पहले से व्यवसाय कर रहे स्ट्रीट वेंडर्स को हटाकर अन्य लोगों को दुकानें आवंटित की गईं। वहीं दशाश्वमेध क्षेत्र में अस्थायी स्ट्रीट वेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई और सामान जब्त किए जाने का भी विरोध किया गया।

महासंघ ने प्रशासन को 72 घंटे का समय देते हुए नाइट मार्केट में स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित करने, हवेलिया स्ट्रीट फूड हब के आवंटन पर पुनर्विचार, दशाश्वमेध में अस्थायी वेंडर्स को व्यवसाय की अनुमति देने, समाप्त किए गए वेंडिंग जोनों की समीक्षा और पुलिस उत्पीड़न पर रोक की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर संगठन ने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।

Share this story