PDA कैलेंडर विवाद पर सपा का जवाब, सत्यप्रकाश सोनकर बोले कमियां होंगी तो सुधारी जाएंगी

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वाराणसी। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता डॉ. अजय चौरसिया द्वारा जारी किए गए PDA कैलेंडर को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी लगातार सवाल खड़े कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी इसे संगठनात्मक पहल बताते हुए सुधार की बात कर रही है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह एक शुरुआत है और आगे इसमें आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

इस पूरे प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि “अभी तो शुरुआत है, आगे सुधार होगा।” अब इसी क्रम में वाराणसी पहुंचे अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव सत्यप्रकाश सोनकर ने भी PDA कैलेंडर को लेकर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि यह कैलेंडर समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता द्वारा जारी किया गया है और यदि इसमें किसी तरह की कमी रह गई है, तो उसे दूर किया जाएगा।

सत्यप्रकाश सोनकर ने कहा कि जब भी कोई नया प्रयास शुरू होता है, तो उसमें कुछ कमियां रह जाना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब समाजवादी पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से PDA कैलेंडर जारी किया जाएगा, तब उसमें सभी वर्गों, समुदायों और सामाजिक पहलुओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। पार्टी का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना है।

उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और समावेशी राजनीति की पक्षधर है। PDA कैलेंडर को लेकर जो भी सुझाव या आपत्तियां सामने आ रही हैं, उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यक सुधार किए जाएंगे। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही यह कह चुके हैं कि यह केवल शुरुआत है।”

इस दौरान सांसद मनोज तिवारी द्वारा PDA कैलेंडर को “पाकिस्तान कैलेंडर” कहे जाने पर सत्यप्रकाश सोनकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी वाराणसी आने पर अक्सर कहते हैं कि उन्हें इसी शहर से आगे बढ़ने का अवसर मिला है और यह नगर गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है। ऐसे में इस तरह की टिप्पणी वाराणसी की परंपरा और संस्कृति के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि वाराणसी की पहचान भाईचारे, आपसी सौहार्द और सभी को साथ लेकर चलने की रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह के बयान देने से परहेज किया जाएगा। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन इस तरह की टिप्पणियां समाज में विभाजन पैदा करती हैं। फिलहाल PDA कैलेंडर को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्माई हुई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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