काशी में गंगा की रेती पर दिखेगा खेल का उत्साह, महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता का होगा आयोजन
वाराणसी। खेल और नारी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से काशी में एक अनूठी पहल होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “खेलोगे तो खिलोगे” संदेश को साकार करते हुए यूपी एडवेंचर स्पोर्ट्स क्लब की ओर से पहली बार गंगा की रेती पर महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल शहर के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा, बल्कि महिला खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अनोखा मंच भी प्रदान करेगा।
प्रतियोगिता के चेयरमैन डॉ. एके सिंह के अनुसार यह प्रतियोगिता 14 अप्रैल को सुबह 8 बजे से मठ गढ़वा आश्रम के सामने गंगा किनारे आयोजित होगी। इस प्रतियोगिता में कुल 96 महिला खिलाड़ी भाग लेंगी, जिनमें 14 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की हैं। आयोजन समिति का मानना है कि इस तरह के अनोखे स्थल पर प्रतियोगिता कराने से खिलाड़ियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास और कौशल दोनों बढ़ेंगे।
गंगा की रेती पर प्रतियोगिता आयोजित करना अपने आप में एक कठिन कार्य है, जिसे सफल बनाने के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। शनिवार को मैदान को समतल करने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली गई। इसके बाद श्रमिकों द्वारा बालू से कंकड़ और पत्थरों को हटाकर मैदान को सुरक्षित और मुलायम बनाया गया, ताकि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की चोट या असुविधा न हो। आयोजन समिति का लक्ष्य है कि 10 अप्रैल तक मैदान पूरी तरह तैयार कर लिया जाए।
आगे की तैयारियों के तहत 11 और 12 अप्रैल को उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ के अधिकारी प्रतियोगिता स्थल का निरीक्षण करेंगे और सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। वहीं 13 अप्रैल को अभ्यास मैच आयोजित किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को मैदान की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने का अवसर मिलेगा और आयोजन से पहले संभावित कमियों को दूर किया जा सकेगा।
यह प्रतियोगिता काशी में खेल संस्कृति को नया आयाम देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। गंगा की पावन रेती पर महिला खिलाड़ियों का यह मुकाबला न केवल खेल भावना को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण का मजबूत संदेश भी देगा। आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि यह पहल सफल रहती है, तो भविष्य में इस तरह के और भी साहसिक खेल आयोजनों की संभावनाएं बढ़ेंगी। काशी की धरती पर खेल और संस्कृति का यह संगम निश्चित रूप से शहर के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा।

