सीवर में बालू की बोरियां, पत्थर, लकड़ी डालकर जाम करने की मामले की मजिस्ट्रेट जांच की मांग, सपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

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वाराणसी। शहर के अलग-अलग इलाकों में सीवर लाइनों की सफाई के दौरान बालू की बोरियां, सीमेंट, पत्थर, लकड़ी का बुरादा और अन्य निर्माण सामग्री मिलने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने घटना से जुड़े क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज तत्काल सुरक्षित कराने और उनकी जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


सपा की ओर से जिला प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि सीवर लाइनों के भीतर बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री का मिलना सामान्य रूप से सीवर जाम होने की घटना नहीं माना जा सकता। पार्टी ने आशंका जताई कि इसके पीछे किसी की लापरवाही, मिलीभगत या सुनियोजित तरीके से सीवर व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।

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सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने की मांग
सपा ने मांग की कि जिन क्षेत्रों की सीवर लाइनों से बालू, सीमेंट और अन्य सामग्री बरामद हुई है, वहां लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तत्काल सुरक्षित कराई जाए। फुटेज के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश हो कि सीवर में सामग्री कब, किसके द्वारा और किस उद्देश्य से डाली गई। पार्टी ने कहा कि फुटेज उपलब्ध रहने से जांच को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं।


ज्ञापन में नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही सीवर सफाई एवं निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई है। सपा ने सीवर सफाई, रखरखाव और निर्माण कार्यों में संभावित भ्रष्टाचार, लापरवाही अथवा मिलीभगत के बिंदु पर भी जांच की मांग उठाई।


जलभराव और बीमारी का खतरा
पार्टी ने कहा कि सीवर जाम होने से शहर के कई इलाकों में जलभराव, गंदे पानी की समस्या और दुर्गंध की स्थिति पैदा हो रही है। इससे लोगों को परेशानी के साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। इसलिए जांच के साथ सीवर व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की जरूरत है।


सपा ने दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही संवेदनशील सीवर लाइनों और मैनहोल पर निगरानी बढ़ाने, आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी लगाने और प्रमुख सीवर लाइनों की तकनीकी व भौतिक जांच कराने का सुझाव दिया। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच शुरू कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जनता को साथ लेकर धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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