प्रधानमंत्री की अपील के विरोध में वाराणसी में सोनार समाज का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
वाराणसी। प्रधानमंत्री की अपील के विरोध में सोनार नरहरी सेना के नेतृत्व में शास्त्री घाट पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सोनार समाज के लोग, स्वर्णकार कारीगर, सर्राफा व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान से सोनार समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती आर्थिक चुनौतियों और व्यापारिक समस्याओं के बावजूद स्वर्णकार कारीगरों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर समाज के समर्थन में नारेबाजी भी की गई।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि सोनार समाज देश की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि स्वर्णकार कारीगर और छोटे व्यापारी वर्षों से रोजगार और व्यापार को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं, लेकिन हाल के बयानों और नीतियों से समाज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने सरकार से समाज की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में प्रधानमंत्री के बयान पर पुनर्विचार करने, सोनार समाज के सम्मान की रक्षा करने और स्वर्णकार कारीगरों व व्यापारियों की आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी नीति बनाने की मांग की गई।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सेठ समेत संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज की मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने एकजुट होकर समाज के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की आवाज बुलंद की तथा सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई।

