शुद्ध ही शुभ है’ अभियान में होटल-रेस्टोरेंटों की सघन जांच, गंभीर खामियों पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति
मुरादाबाद, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, गोरखपुर और कानपुर नगर में 317 होटल-रेस्टोरेंट इकाइयों का निरीक्षण
खराब सफाई से लेकर कीड़े-मकौड़ों और वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण तक मिलीं कमियां
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की प्रदेशव्यापी कार्रवाई जारी, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए गंभीर अनियमितताओं पर वैधानिक कार्रवाई
लखनऊ, 24 सितंबर। उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए संचालित ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने होटल और रेस्टोरेंट इकाइयों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। प्रदेश स्तरीय खाद्य सचल दलों द्वारा गुरुवार को मुरादाबाद, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, गोरखपुर और कानपुर नगर में कुल 317 रेस्टोरेंट एवं होटल इकाइयों का निरीक्षण किया गया। अभियान में सात, पांच और तीन सितारा होटलों में संचालित रेस्टोरेंट के साथ स्वतंत्र रूप से संचालित रेस्टोरेंट को भी शामिल किया गया है।

छह जिलों में 317 प्रतिष्ठानों की जांच
24 सितंबर को खाद्य सचल दलों द्वारा किए जा रहे निरीक्षण का जिलावार विवरण इस प्रकार है-
- मुरादाबाद में 52 इकाइयां
- प्रयागराज में 40 इकाइयां
- अयोध्या में 97 इकाइयां
- बरेली में 34 इकाइयां
- गोरखपुर में 34 इकाइयां
- कानपुर नगर में 60 इकाइयां
इस प्रकार इन छह जिलों में कुल 317 होटल एवं रेस्टोरेंट इकाइयों को जांच के दायरे में लिया गया है। विभाग का कहना है कि निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए जाने की संस्तुति की गई है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी जारी है।

कानपुर के रेस्टोरेंट में एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ और वेज-नॉनवेज एक साथ
कानपुर नगर में काके की हट्टी रेस्टोरेंट की जांच के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं। यहां समाप्त हो चुकी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल, अत्यंत खराब साफ-सफाई, कीड़े-मकौड़ों की मौजूदगी और परिसर में गंदे पानी का जमाव पाया गया। इसके अलावा फ्रीजर में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक साथ रखा गया था। खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था नहीं होने से एक खाद्य पदार्थ से दूसरे में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने ऐसी कमियों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।

प्रयागराज के होटल में गंदा किचन और खराब ड्रेनेज
प्रयागराज स्थित अर्बन रेजिडेंसी होटल के निरीक्षण में भी खाद्य स्वच्छता से जुड़ी कई गंभीर कमियां पाई गईं। यहां सैनिटेशन की स्थिति खराब थी। कच्चे खाद्य पदार्थों और उपकरणों की उचित सफाई नहीं की जा रही थी। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों का एक साथ निर्माण एवं भंडारण पाया गया।इसके अलावा किचन एरिया अत्यंत गंदा मिला और ड्रेनेज व्यवस्था भी खराब पाई गई। विभागीय जांच में सामने आई इन कमियों को खाद्य सुरक्षा के मानकों के लिहाज से गंभीर माना गया है।

गोरखपुर में तीन प्रतिष्ठानों में मिलीं गंभीर खामियां
गोरखपुर में भी अभियान के दौरान कई होटल और रेस्टोरेंट जांच के दायरे में आए। रैडिसन होटल की जांच में हाइजीन की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। इसके साथ ही लाइसेंस से संबंधित अनियमितता भी पाई गई। रामकृष्ण होटल में ड्रेनेज और स्वच्छता की स्थिति अत्यंत खराब मिली। यहां शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक साथ रखा जा रहा था और एक ही बर्तन में दोनों प्रकार के खाद्य पदार्थों का निर्माण किया जाना पाया गया।
इसी तरह द ब्रायन फ्लावर इन रेस्टोरेंट की किचन और ड्रेनेज एरिया में अत्यधिक गंदगी मिली। इससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका सामने आई। परिसर में कॉकरोच की मौजूदगी, अत्यंत खराब स्टोरेज व्यवस्था तथा चिमनी पर कालिख और गंदगी भी पाई गई।

अयोध्या में फंगस और एक्सपायर्ड सामग्री का इस्तेमाल
अयोध्या में अभियान के तहत बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। अंदाना रेस्टोरेंट एंड ढाबा के निरीक्षण में सैनिटेशन की स्थिति अत्यंत खराब मिली। खाद्य पदार्थों में फंगस और कीड़े-मकौड़ों की मौजूदगी के साथ समाप्त हो चुकी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल भी पाया गया। वहीं अल हिंद रेस्टोरेंट, मवई में परिसर में जलभराव, जाम ड्रेनेज सिस्टम और ड्रेनेज एरिया में गंदगी मिली। फ्रीजर चालू स्थिति में नहीं था और किचन में कीड़े-मकौड़ों की मौजूदगी भी पाई गई।
बरेली में जाम ड्रेनेज और कॉकरोच की मौजूदगी
बरेली के कृष्णा भोजनालय, स्टेशन रोड के निरीक्षण में जाम ड्रेनेज सिस्टम, कॉकरोच की मौजूदगी और खाद्य पदार्थों के भंडारण में गंभीर कमियां सामने आईं। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने और स्टोरेज एरिया की स्वच्छता से जुड़े मानकों पर भी सवाल उठे।

मुरादाबाद के दो प्रतिष्ठानों में भी मिलीं खामियां
मुरादाबाद के होटल लवाना में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को उचित पृथक्करण के बिना एक ही फ्रीजर में रखा गया था। स्टोर रूम में कॉकरोच की मौजूदगी के साथ ड्रेनेज सिस्टम भी जाम पाया गया। इसी तरह टाइम 24, दिल्ली गेट में कुकिंग एरिया में कीड़े और मक्खियां मिलीं। यहां ड्रेनेज सिस्टम बेहद गंदा और जाम पाया गया।
‘क्रॉस-कंटेमिनेशन’ रोकने पर विशेष जोर
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों द्वारा किए जा रहे निरीक्षण में कच्चे माल की गुणवत्ता, प्रोसेसिंग एरिया की स्वच्छता, स्टोरेज की सुरक्षित व्यवस्था और शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों के अलग-अलग भंडारण एवं निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।विभाग का जोर इस बात पर है कि एक प्रकार के खाद्य पदार्थ से दूसरे खाद्य पदार्थ में किसी तरह का संक्रमण न हो। इसे खाद्य सुरक्षा की भाषा में क्रॉस-कंटेमिनेशन कहा जाता है। इसके लिए अलग बर्तन, अलग भंडारण व्यवस्था और उचित सफाई व्यवस्था जरूरी है।

गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन की संस्तुति
विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान जहां सामान्य स्तर की कमियां मिली हैं, वहां सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं, जबकि गंभीर अनियमितताओं वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गंभीर मामलों में संबंधित खाद्य प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति यानी लाइसेंस निलंबित किए जाने की संस्तुति की गई है।

