ज्ञानवापी में सावन के दौरान नमाज पर रोक की मांग तेज, शिवसेना (शिंदे) ने सीएम योगी को भेजा ज्ञापन
वाराणसी। सावन माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद अब शिवसेना (शिंदे गुट) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पूरे सावन माह के दौरान ज्ञानवापी में नमाज़ पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सावन के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं, ऐसे में हिंदू आस्था और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जाना चाहिए।
शिवसेना (शिंदे) के प्रदेश प्रवक्ता ओम प्रकाश मिश्रा ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में आग्रह किया है कि सावन माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर में नमाज़ अदा करने पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया जाए। उनका तर्क है कि जिस प्रकार श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए वर्ष में सीमित अवसर प्रदान किए जाते हैं, उसी प्रकार सावन माह में धार्मिक व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए विशेष व्यवस्था लागू की जा सकती है।
इससे पहले मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में भी शिवसेना ने अपनी यह मांग उठाई थी। अब मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पार्टी ने इस विषय पर राज्य सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की है। ओम प्रकाश मिश्रा का कहना है कि सावन का महीना सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और इस दौरान काशी विश्वनाथ धाम एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में सरकार को धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।
शिवसेना ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन भी शुरू कर सकती है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में आगे की रणनीति जल्द घोषित की जाएगी। फिलहाल शिवसेना की इस मांग के बाद वाराणसी के धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, इस संबंध में जिला प्रशासन अथवा राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

