तिरुपति से काशी पहुंची सेवा संकल्प बाइक यात्रा, गंगा में समर्पित किया कृष्णा-गोदावरी का पवित्र जल

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पांच राज्यों से होकर 2000 किलोमीटर का सफर तय कर 25 युवा राइडर्स पहुंचे वाराणसी, गंगा आरती में हुए शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सेवा संकल्प अभियान के तहत निकली यात्रा

युवाओं की भागीदारी, सेवा, आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय एकात्मता का दिया संदेश

काशी में गंगा आरती और बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के साथ यात्रा का समापन


वाराणसी। तिरुपति से शुरू हुई सेवा संकल्प बाइक यात्रा करीब 2000 किलोमीटर का सफर तय कर काशी पहुंची। पांच राज्यों से होकर 25 युवा राइडर्स की यह यात्रा युवाओं की भागीदारी, सेवा, आध्यात्मिकता, विकास और राष्ट्रीय एकात्मता का संदेश लेकर वाराणसी पहुंची। 30 सितंबर को तिरुपति से शुरू हुई यात्रा का आध्यात्मिक समापन मंगलवार को काशी में हुआ। राइडर्स ने गंगा आरती में भाग लेने के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया।

यात्रा का आयोजन तेलुगु नाडु स्टूडेंट्स फेडरेशन (TNSF) और तेलुगु युवा की ओर से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू एवं आईटी व शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के मार्गदर्शन में किया गया। यात्रा की शुरुआत तिरुमला की पहाड़ियों की तलहटी में प्रार्थना और भगवान श्री वेंकटेश्वर के आशीर्वाद के साथ हुई थी।

यात्रा के दौरान विजयवाड़ा में कृष्णा नदी और भद्राचलम में गोदावरी नदी का पवित्र जल कलश में एकत्र किया गया। इसी जल को राइडर्स काशी लेकर पहुंचे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक और गंगा आरती के माध्यम से इसे मां गंगा को समर्पित किया गया। यात्रा के दौरान राइडर्स ने श्रीकालहस्ती, विजयवाड़ा के कनक दुर्गा मंदिर, भद्राचलम के श्रीराम मंदिर और महाराष्ट्र के चंपा आश्रम शांति धाम मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन किए।

नागपुर में फडणवीस से हुई मुलाकात
यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव नागपुर रहा। यहां अनिमिनी रवि नायडू और एम.वी. प्रणव गोपाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर उन्हें तिरुमला तिरुपति देवस्थानम का प्रसाद भेंट किया। इसके बाद यात्रा नागपुर से जबलपुर, रीवा, प्रयागराज होते हुए वाराणसी पहुंची।

काशी पहुंचने पर राज्यसभा सांसद विजय चिंताकायला और सना सतीश बाबू ने राइडर्स का स्वागत किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार में स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने यात्रा के प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए इसके उद्देश्य और भावना की सराहना की।

सांस्कृतिक एकता का संदेश
राज्यसभा सांसद विजय चिंताकायला ने कहा कि यह केवल बाइक रैली नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता की जीवंत यात्रा है। तिरुपति से काशी तक कृष्णा और गोदावरी का जल लेकर पहुंचना दक्षिण और उत्तर भारत की साझा सांस्कृतिक चेतना को दर्शाता है। यात्रा ने अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, परंपराओं और आस्थाओं को एक सूत्र में जोड़ने का संदेश दिया।

यात्रा के माध्यम से युवाओं को सेवा, सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक आस्था और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के साझा संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया गया। पांच राज्यों से होकर गुजरी यह यात्रा 25 युवा राइडर्स के साथ काशी में अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उद्देश्य के साथ संपन्न हुई।

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