सीनियर डीपीएमएम निलंबित, रेलवे में भ्रष्टाचार के लिए विजिलेंस की जांच शुरू
सीबीआई की कार्रवाई के बाद पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में विजिलेंस टीम सक्रिय, कई बिंदुओं पर हो रही जांच
वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में वरिष्ठ डीपीएमएम (डिविजनल प्रोक्योरमेंट मैटेरियल मैनेजर) नितेश अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सीबीआई की कार्रवाई के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है, जबकि मंडल में व्याप्त कथित अनियमितताओं की जांच के लिए रेलवे का सतर्कता (विजिलेंस) विभाग भी सक्रिय हो गया है।
सीबीआई की कार्रवाई के बाद शनिवार को गोरखपुर से विजिलेंस की टीम वाराणसी पहुंची। टीम ने देर शाम तक संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की तथा विभिन्न दस्तावेजों की जांच की। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां और साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
ठेकेदारों के बकाया भुगतान को लेकर बढ़ी चिंता
रेलवे मंडल में चल रही कार्रवाई के बीच ठेकेदारों में भी चिंता बढ़ गई है। आशंका जताई जा रही है कि जिन ठेकेदारों के भुगतान लंबित हैं, उन्हें अब और अधिक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, अन्य विभागों से जुड़े ठेकेदारों के भुगतान पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ने की संभावना बताई जा रही है।
मंडल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
जांच के दौरान मंडल में कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल सामने आए हैं। कुछ कर्मचारियों का आरोप है कि शिकायतों पर समय से कार्रवाई नहीं होती थी और कई मामलों में शिकायतकर्ताओं की बजाय उन्हें ही दबाव का सामना करना पड़ता था। विजिलेंस अब खरीद प्रक्रिया, टेंडर संबंधी कार्यों और विभागीय निर्णयों की भी गहन जांच कर रही है।
नियुक्ति और कार्यशैली भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, निलंबित अधिकारी की कार्यशैली, विभागीय निर्णयों और कुछ नियुक्तियों को लेकर भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस टीम सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है, ताकि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

