सावन 2026 : 5 जोन, 15 सेक्टर में बंटेगा शहर, 5 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक किया पैदल निरीक्षण
5 आईपीएस, 50 राजपत्रित अधिकारी और 5000 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
श्रावण सोमवार और शिवरात्रि पर लागू होगी विशेष भीड़ प्रबंधन योजना
सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भीड़ में रहकर करेंगे निगरानी
सीसीटीवी और त्रिनेत्र प्रणाली से पूरे शहर की हाईटेक मॉनिटरिंग
गंगा घाटों पर जल पुलिस, पीएसी, गोताखोर और डीप वाटर बैरिकेडिंग की व्यवस्था
प्रयागराज से मोहनसराय तक कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित होगी विशेष लेन
कांवड़ मार्ग पर स्थापित होंगे पुलिस बूथ, विश्राम स्थल और चिकित्सा सहायता केंद्र
हर 4 किलोमीटर पर पीआरवी/फैंटम टीम रहेगी तैनात, निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही बजेगा कांवड़ियों का डीजे
वाराणसी। आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर वाराणसी प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पैदल भ्रमण कर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि श्रावण मास में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा भी की। प्रशासन का उद्देश्य है कि सावन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को बिना किसी परेशानी के सुरक्षित दर्शन और आवागमन की सुविधा मिल सके।

शहर को 5 जोन और 15 सेक्टर में बांटकर होगी निगरानी
श्रावण मास में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पूरे वाराणसी शहर को 5 जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था की कमान 5 आईपीएस अधिकारियों, 50 राजपत्रित अधिकारियों तथा लगभग 5000 पुलिसकर्मियों के हाथों में होगी। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
श्रावण सोमवार और शिवरात्रि पर रहेगा विशेष सुरक्षा प्लान
प्रशासन ने श्रावण सोमवार और महाशिवरात्रि के लिए अलग से विशेष सुरक्षा योजना तैयार की है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, गोदौलिया, दशाश्वमेध घाट और अन्य प्रमुख शिवालयों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। श्रद्धालुओं की लंबी कतारों को व्यवस्थित करने के लिए विशेष भीड़ प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी।

बैरिकेडिंग और खोया-पाया केंद्रों की विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख मार्गों और मंदिर क्षेत्रों में सुव्यवस्थित बैरिकेडिंग की जाएगी। साथ ही विभिन्न स्थानों पर खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने की व्यवस्था रहेगी।
सादे कपड़ों में पुलिस और हाईटेक निगरानी
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वर्दीधारी पुलिस के साथ-साथ सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे, जो संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखेंगे।
पूरे शहर के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र की निगरानी पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों और 'त्रिनेत्र' प्रणाली के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र और रेलवे स्टेशन के कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग होगी।

गंगा घाटों पर जल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रमुख गंगा घाटों पर जल पुलिस, बाढ़ राहत पुलिस, पीएसी के जवान और प्रशिक्षित निजी गोताखोर तैनात किए जाएंगे। गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग की जाएगी, जिससे स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित होगी विशेष लेन
कांवड़ यात्रा के दौरान प्रयागराज से मोहनसराय तक एक लेन विशेष रूप से कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगी। इससे श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम होगा और सामान्य यातायात भी व्यवस्थित रहेगा। कांवड़ मार्ग पर अस्थायी पुलिस बूथ, विश्राम स्थल और चिकित्सा सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक चार किलोमीटर पर पीआरवी या फैंटम टीम तैनात रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
डीजे संचालन पर भी रहेगी सख्त निगरानी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे का संचालन केवल न्यायालय द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही किया जाएगा। डीजे की ऊंचाई और स्वरूप भी निर्धारित मानकों के अनुरूप रखना अनिवार्य होगा, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या सुरक्षा संबंधी खतरा उत्पन्न न हो।
पुलिस आयुक्त बोले- श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी पुलिस इकाइयों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/मुख्यालय) शिवहरि मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंसवाल, पुलिस उपायुक्त यातायात अनिल कुमार यादव, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा, सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी, यातायात निरीक्षक, थाना प्रभारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

