Sawan 2026: काशीवासियों के लिए विशेष इंतजाम, अगल द्वार से होंगे दर्शन
सीएम योगी ने काशीवासियों के लिए अलग से व्यवस्था करने का दिया था निर्देश
पहचान पत्र दिखाकर काशीवासी गेट नंबर 4B से कर सकेंगे बाबा के दर्शन
सावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए तैयारियों में जुटा मंदिर प्रशासन
बंद रहेंगे वीआईपी और स्पर्श दर्शन, निरस्त रहेंगे सारे प्रोटोकॉल
धाम में सुरक्षा के रहेंगे विशेष इंतजाम, जिगजैग बैरिकेडिंग से करेंगे भीड़ नियंत्रण
श्रद्धालुओं के लिए पानी, ओआरएस, ग्लूकोज आदि की रहेगी व्यवस्था
वाराणसी। श्रावण मास में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच काशीवासियों को बड़ी राहत दी गई है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अलग दर्शन व्यवस्था की है। काशीवासी गेट नंबर 4B से अपना पहचान पत्र दिखाकर बिना सामान्य भीड़ में लगे बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर सकेंगे। सावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वीआईपी और स्पर्श दर्शन प्रतिबंधित रहेगा। वहीं सभी तरह के प्रोटोकॉल भी निरस्त रहेंगे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, ओआरएस, ग्लूकोज आदि की व्यवस्था रहेगी।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि काशीवासी आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा अन्य वैध पहचान पत्र दिखाकर इस विशेष प्रवेश द्वार से सीधे बाबा के सुगम दर्शन कर सकेंगे। गेट नंबर 4B से लेकर मंदिर तक स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें सामान्य भीड़ और धक्का-मुक्की का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मंदिर प्रशासन के इस निर्णय का काशीवासियों ने स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे उन्हें अपने आराध्य बाबा विश्वनाथ के दर्शन पहले की तुलना में अधिक सहज और सुविधाजनक तरीके से मिल सकेंगे। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि श्रावण मास के लिए पहले से निर्धारित एसओपी को पूरी तरह लागू किया जाएगा। धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सात प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। साथ ही नगर निगम से प्रवेश और निकास द्वारों के पास जूता-चप्पल रखने की अतिरिक्त व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सावन के दौरान सभी प्रकार के प्रोटोकॉल समाप्त रहेंगे और वीआईपी दर्शन की व्यवस्था नहीं होगी। इसके अलावा स्पर्श दर्शन पर भी रोक रहेगी। यदि श्रद्धालुओं की भीड़ कम रहती है तो मंदिर न्यास इस व्यवस्था पर पुनर्विचार कर सकता है। विश्वभूषण मिश्र ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे खाली पेट दर्शन के लिए कतार में न लगें। धाम प्रशासन की ओर से ग्लूकोज, ओआरएस और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह भी सलाह दी कि श्रद्धालु मोबाइल, चाबी, पेन तथा अन्य धातु की वस्तुएं अपने ठहरने के स्थान पर ही छोड़कर आएं, क्योंकि सावन में लगेज काउंटर पर अत्यधिक दबाव रहने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए श्री काशी विश्वनाथ धाम प्रशासन लगातार प्रयासरत है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी सहयोग की अपील की।

