मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से लैस देश का पहला प्रमुख बौद्ध तीर्थ बना सारनाथ, सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग की सुविधा  

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वाराणसी। भगवान बुद्ध की प्रथम धर्मदेशना स्थली सारनाथ अब देश का पहला ऐसा प्रमुख बौद्ध तीर्थ बन गया है, जो सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग-चारों परिवहन माध्यमों से जुड़ा हुआ है। इस उपलब्धि के साथ सारनाथ की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और अधिक मजबूत हुई है। पर्यटन विभाग का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

सारनाथ तक पहुंचने के लिए अब पर्यटकों के पास सभी प्रमुख परिवहन साधनों की सुविधा उपलब्ध है। बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सारनाथ से लगभग 30 किलोमीटर दूर है, जहां से देश और विदेश के लिए नियमित उड़ानें संचालित होती हैं। रेल मार्ग से भी सारनाथ अच्छी तरह जुड़ा है। इसका अपना रेलवे स्टेशन होने के साथ ही वाराणसी जंक्शन और बनारस रेलवे स्टेशन भी निकट स्थित हैं, जहां से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए रेल सेवाएं उपलब्ध हैं।

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सड़क मार्ग की बात करें तो राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की प्रमुख सड़कों के माध्यम से सारनाथ तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा गंगा में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के माध्यम से जल परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे पर्यटकों को एक नया और आकर्षक यात्रा विकल्प मिला है।

पर्यटक अब किसी भी माध्यम से आसानी से सारनाथ पहुंच सकते हैं। यह सुविधा धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन को भी नई गति देगी। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के कारण सारनाथ वैश्विक बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान बनाएगा तथा प्रदेश के पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी।

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