वाराणसी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समाजसेवी सरदार परमजीत सिंह अहलुवालिया का निधन, मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार

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वाराणसी। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी वाराणसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रख्यात समाजसेवी सरदार परमजीत सिंह अहलुवालिया का 3 अप्रैल 2026 को गुरुग्राम के वेदांता हॉस्पिटल में निधन हो गया। वे करीब 74 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से वाराणसी समेत पूरे सिख समाज में शोक की लहर दौड़ गई।

सरल स्वभाव और सेवा भावना के लिए जाने जाते थे
सरदार परमजीत सिंह अहलुवालिया एक कुशल प्रशासक, सरल स्वभाव के और समाज सेवा के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। सिख समाज के बीच उनका विशेष सम्मान था और वे हर जरूरतमंद की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। उनके प्रयासों से वाराणसी में सिख समुदाय को लगातार मजबूती मिली।

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गुरुद्वारा विवाद के समाधान में निभाई अहम भूमिका
जगतगंज स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा, जो गुरु तेग बहादुर जी की चरण स्पर्श भूमि माना जाता है, लंबे समय से विवादों में रहा था। इस विवाद के समाधान में सरदार परमजीत सिंह अहलुवालिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसे समाज हमेशा याद रखेगा।

शिक्षा और समाज सेवा में भी दिया बड़ा योगदान
वे लंबे समय तक गुरु नानक स्कूल, गुरुबाग और गुरु नानक इंग्लिश स्कूल, शिवपुर के प्रबंधक रहे। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को भी सराहा जाता है।

कोरोना काल के दौरान उन्होंने पूरे पूर्वांचल में निस्वार्थ भाव से सेवा कार्य किए, जिसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया था।

मणिकर्णिका घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
4 अप्रैल 2026 को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके सुपुत्र डॉ. बलप्रीत सिंह अहलुवालिया ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में समाज के लोग और शुभचिंतक मौजूद रहे।

समाज के लिए अपूरणीय क्षति
उनके निधन को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। वे अपने पीछे एक बड़ा परिवार और असंख्य शुभचिंतकों को छोड़ गए हैं।

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